बोझ नहीं वरदान है बेटियां,अंग दान कर पिता को दी नयी जिंदगी...



यूपी ।
बेटियां बोझ नहीं जिंदगी का दूसरा नाम होती है। यह बात दुनिया को मीरजापुर की एक बेटी ने मौत के मुहाने चले गए पिता को अपना लीवर डोनेट करने के साथ नयी जिंदगी देकर दुनिया को बताया है। पिता को लीवर डोनेट करने वीणा नामक यह बेटी खुद दो बेटियों की मां है..... मिर्जापुर के जमालपुर थाना क्षेत्र में बहुआर गांव के रहने वाले रवि प्रकाश त्रिपाठी की हालत पिछले कुछ समय से ज्यादा खराब हो गई तो घरवालों ने उन्हें वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया....

भावना के पिताजी तारादत्त तिवारी देहरादून में रहते हैं. उनके डॉक्टर डॉ सुमित्रा रावत ने लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी...जैसा ही बेटी को पता चला की उसके पापा की हालात नाजुक है वह तुरंत ऑपरेशन के लिए रेडी हो गई.... आपरेशन के बाद बेटी द्वारा दिए गए लीवर को डॉक्टरों की टीम ने पिता के लीवर से जोड़ दिया. फ़िलहाल पिता-पुत्री दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में एडमिट हैं....... एक बेटी ने अपने पिता की जान बचाने में सफलता हासिल कर ली। वीणा के इस कदम की काफी तारीफ हो रही है, किस तरह एक बेटी ने अपनी जिंदगी से पिता की जान बचाई।

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