दूध के 7 टोटके, जो मिनटों में असर दिखाते हैं

 

ज्योतिष में दूध को चन्द्रमा का कारक ग्रह माना गया है। इसमें चीनी मिला कर मंगल तथा केसर या हल्दी मिला कर गुरु का उपाय किया जाता है। इसी दूध को यदि सांप को पिलाया जाए तो राहू का उपाय होता है। दूध में तिल मिलाकर भगवान शिव पर चढ़ाने से समस्त ग्रहों का अनिष्ट टलता है। ऐसे में दूध के टोटके आपके लिए बहुत काम आ सकते हैं। आइए जानते हैं प्राचीन तांत्रिक ग्रंथों में बताए गए दूध के ऐसे ही टोने-टोटकों के बारे में जिन्हें करते ही असर दिखता है और आपकी समस्या तुंरत दूर होती है।

नजर दूर करने तथा अमीर बनने के लिए

रविवार की रात सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखकर सो जाएं। ध्यान रखें, यह दूध ढुलना नहीं चाहिए। अगले दिन सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर इस दूध को किसी बबूल के पेड की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार रात करें। जिस आदमी पर इस उपाय को करेंगे, उसकी नजर दूर होगी और उसके सारे काम बनते चले जाएंगे। साथ ही पैसा भी आने लगेगा।

अगर बार-बार एक्सीडेंट हो रहा है तो

अगर किसी के साथ बार-बार दुर्घटना या एक्सीडेंट हो रहा है तो शुक्ल पक्ष (अमावस्या के तुरंत बाद) के पहले मंगलवार को 400 ग्राम दूध से चावल धोकर बहती नदी या झरने में बहा दें। लगातार सात मंगलवार तक इस उपाय को करने से दुर्घटनाएं बंद हो जाएंगी और शांति आ जाएगी।

अगर कुंडली में कोई भी ग्रह बुरा असर दे रहा है तो

सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठें। उसके बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नान आदि कर अपने आसपास के शिव मंदिर में जाएं तथा वहां शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं। लगातार सात सोमवार तक इस उपाय को करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही कुंडली में कोई भी ग्रह बुरा असर दे रहा होता है, वो भी टल जाता है।

घर में अखंड लक्ष्मी के आव्हान के लिए

घर में लक्ष्मी के स्थाई वास के लिए एक लोहे के बर्तन में जल, चीनी, दूध तथा घी मिला लें। इसे पीपल के पेड़ की छाया के नीचे खड़े होकर पीपल की जड़ में डाले। इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है।

सोमवार को शिव मंदिर में जाकर दूध-मिश्रित जल शिवलिंग पर चढ़ाते हुए रूद्राक्ष की माला से ऊँ सोमेश्वराय नमः का 108 बार जप करें। साथ ही पूर्णिमा को जल में दूध मिला कर चन्द्रमा को अर्ध्य देते हुए घर-व्यवसाय में उन्नति देने की प्रार्थना करें। इस उपाय का असर तुरंत दिखता है और घर में पैसा आना शुरु हो जाता है।

असाध्य बीमारी से मुक्ति पाने के लिए

इस उपाय को सोमवार को ही आरंभ करना है। सोमवार की रात 9 बजे बाद किसी शिव मंदिर में जाएं तथा कच्चा दूध मिश्रित जल चढ़ाते हुए ऊँ जूं सः का जाप करें। रोजाना कम से कम 108 बार जप करें। कुछ ही दिनों में बीमार व्यक्ति बिल्कुल सही हो जाएगा।

कुंडली में गुरु के अशुभ होने पर

अगर कुंडली में गुरु ग्रह अपना बुरा असर दे रहा हो तो वक्री हो तो दूध में चीनी तथा केसर या हल्दी मिला कर शाम के समय शिवलिंग पर ऊँ नमः शिवायः का जाप करते हुए चढ़ाएं। गुरु अपना अशुभ असर त्याग कर शुभ फल देने लगेगा।

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