भगवान गणेश जी का जन्म दिन उत्सव, गणेश चतुर्थी (5 सितंबर 2016) के रूप में मनाया जायगा।

भगवान गणेश जी का जन्म दिन उत्सव, गणेश चतुर्थी (5 सितंबर 2016) के रूप में मनाया जायगा।

इस दिन घर-घर में मंगलमूर्ति, विघ्न हरता, गणेश जी की स्थापना होती है। और भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। गणेश चतुर्थी का उत्सव, 10 दिन के बाद, अनन्त चतुर्दशी (15 सितम्बर 2016 ) विसर्जन दिवस के दिन समाप्त होगा। अनन्त चतुर्दशी/विसर्जन दिवस के दिन श्रद्धालु-जन बड़े ही धूम-धाम के साथ सड़क पर जुलूस निकालते हुए भगवान गणेश की प्रतिमा का सरोवर, झील, नदी इत्यादि में विसर्जन करते हैं।

गणेश जी प्रतिमा को घर में स्थापित करते समय यह ध्यान रखें......
गणेश जी की सूंड बाएं हाथ की ओर घुमी हुई हो। ऐसी मान्यता है कि दाएं हाथ की ओर मुड़ी हुई सूंड वाली गणेश जी प्रतिमा की पूजा से मनोकामना सिद्घ होने में देर लगती है।

गणेश जी प्रतिमा में यह भी ध्यान रखें कि गणेश जी सायुज और सवाहन हों। यानी गणेश जी के हाथों में उनका एक दंत, अंकुश और मोदक होना चाहिए।

जो लोग संतान सुख की कामना रखते हैं उन्हें अपने यह पर्व मन से परिवार सहित मनाना चाहिए,  इनकी पूजा से संतान के मामले में आने वाली विघ्न बाधाएं दूर होती है

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