दोस्ती की सच्ची मिसाल: शादी भी एक ही दूल्हे से...


07 Aug. 00:24

दरअसल, रामगढ़ कैंट में डिवाइन ओंकार मिशन स्कूल में रीना और मीना दोनों सहेलियों की पहली मुलाकात हुई थी। विकलांग होने के कारण मीना बार-बार स्कूल की सीढ़ियां चढ़ने की कोशिश करती थी, लेकिन चढ़ नहीं पाती थी। रीना को यह देख बहुत दुःख हुआ, उसी दिन से रीना मीना का सहारा बन गई उसी समय से फिर दोनों की दोस्ती का सिलसिला चल पड़ा।

रीना और मीना पहले रामगढ़ से स्कूली पढ़ाई पूरी की। फिर, रांची के संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज से हायर एजुकेशन की आज यह ऐसे मुकाम पर पहुंच गयी है, जहां इसकी मिसाल दी जा सकती है।

मीना का कहना है कि रीना उसकी दोस्त ही नहीं वो उसकी बहन है, जो उसकी हर जरूरत को पूरी करती है। कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी और वही सहेली रीना इस दोस्ती को मरते दम तक निभाने की बात कहती है।

उसने तो यहां तक कह दिया कि मैं कभी शादी नहीं करूंगी, अगर शादी करनी ही पड़ी तो हम एक ही लड़के के साथ शादी करेंगे, जो दोनों का ख्याल रख सके।

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