राष्ट्रवाद पर कायम रहे भाजपा : मोदी



नई दिल्ली। प्राथमिकता में तो चुनावी राज्य हैं लेकिन भाजपा अभी से 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में भी जुट गई है। सभी राज्यों के कोर ग्रुप के साथ चर्चा में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के खिलाफ सक्रिय ताकतों के प्रति सतर्क किया और कहा कि राष्ट्रवाद भाजपा की पहचान है और पार्टी इसी पर कायम रहेगी।

वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गोरक्षा, राष्ट्रीय गौरव व सम्मान के दायरे में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे विचारधारा से जुड़े मुद्दों पर अडिग रहने की जरूरत पर बल दिया।

तीन दिन बाद अमित शाह ने भाजपा के सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है। उससे पहले सभी राज्यों के कोरग्र्रुप की बैठक में ही मोदी और शाह ने अपनी सोच स्पष्ट कर दी। बताते हैं प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता में होते हुए संगठन चलाना थोड़ा मुश्किल होता है। हर आचार-व्यवहार पर नजर होती है।

तिरंगा यात्रा की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह संकेत भी दे दिया कि राष्ट्रवाद मुख्य मुद्दा है और उससे समझौता नहीं हो सकता। हम लगातार विकास के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन यह बात लोगों तक पहुंचाने को संवाद जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों के सक्रिय और जागरूक लोगों की सूची बनाएं और उनसे मिलें। उन्होंने पूरी कार्ययोजना के साथ बूथ पर काम करने और कमजोर बूथ पर भी बढ़त बनाने का गुरूमंत्र दिया। हालांकि इसके साथ ही यह भी ध्यान दिलाया कि विपक्ष की ओर से भड़काए जा रहे दलितों-पिछड़ों व अल्पसंख्यकों को अपने संयत व्यवहार और विकास कार्य से जीतना भी है।

पीएम ने कहा कि हमें दलितों और पिछड़ों के बीच और काम करने की जरूरत है। इसके लिए तकनीक का भी इस्तेमाल हो है और व्यक्तिगत प्रभाव का भी।

इससे पहले अमित शाह ने खरे-खरे शब्दों में पार्टी के हर नेता को गुटबाजी, भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार से तौबा करने की नसीहत दी। ऐन चुनाव के वक्त सक्रिय होने वाले टिकट के दावेदारों के सामने चुनौती भी रखी और नेतृत्व करने वाले लोगों को इस जिम्मेदारी की याद दिलाई कि उन्हें दूसरी और तीसरी पीढ़ी की पौध भी खड़ी करनी है। यानी अपने विकास के लिए दूसरे योग्य नेताओं की राह का रोड़ा न बनें।

दिल्ली के एनडीएमसी सभागार में दिनभर चली बैठक में चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और गुजरात पर अलग से भी बैठक हुई। उनकी तैयारियों की समीक्षा की गई और भविष्य के कार्यक्रमों के बाबत जानकारी ली गई। उन्हें कहा गया कि विरोधी दलों की रणनीति व गतिविधियों पर नजर रखें और जवाबी कार्रवाई के लिए कमर कसें।

चुनावी राज्य के नेताओं को कहा गया है कि टिकट को लेकर कोई लाबिंग न होने दें। बल्कि यह संदेश हर किसी तक हो कि टिकट केवल उन्हें मिलेगा जो चुनाव जीतने के काबिल हों। इसका एक मापदंड केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रति दावेदारों की जानकारी और संबंधित क्षेत्र में उस योजना की सफलता और असफलता के प्रति सतर्कता भी होगा। उनके साथ अगले कुछ दिनों में फिर से बैठक होगी। शाह ने उन्हें उत्साहित करते हुए कहा कि 2017 का चुनाव जीते तो फिर 2019 की जीत पक्की है।

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