हर लड़की को पता होना चाहिए अपने ये 6 अधिकार

अगर महिलाओं को और आगे बढ़ना है तो उन्‍हें अपने कानूनी अधिकार पता होने चाहिये। महिलाओं का एक बड़ा वर्ग अपने अधिकारों के प्रति अब भी जागरूक नहीं है, जिस वजह से उन्‍हें अन्‍याय सहने के बाद भी चुक रहना पड़ता है। अगर उन्‍हें अपने सभी अधिकार पता होंगे तो वह इस दुनिया में कुछ भी कर सकती हैं। खुद को जागरूक रखिए। आइए हम आपको बताते है लड़कियों के 6 अधिकार।

1. घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार- अगर महिला उसी के घर में मारा-पीटा जा रहा है या अन्‍य अत्‍याचार हो रहे हैं तो वह सीधे न्यायालय से गुहार लगा सकती है। इकसे लिये उसे वकील की कोई जरुरत नहीं है। अपनी समस्या के निदान के लिए पीड़ित महिला- वकील प्रोटेक्शन ऑफिसर और सर्विस प्रोवाइडर में से किसी एक को साथ ले जा सकती है और चाहे तो खुद ही अपना पक्ष रख सकती है।

2. गर्भपात कराने का अधिकार- वैसे तो गर्भपात कराना अपराध है पर गर्भ की वजह से अगर महिला को जान का खतरा है तो, वह गर्भपात करा सकती है।

3. पुलिस से जुड़े अधिकार- महिला अपराधी को सूर्यास्‍त से पहले या सूर्यास्‍त के बाद गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा एक महिला की तलाशी केवल एक महिला पुलिसकर्मी ही ले सकती है।

4. सेक्‍जुअल हैरेसमेंट से बचाव के अधिकार- छेड़छाड़ या फिर रेप जैसे घिनौने अपराध के लिये सख्‍त कानून हैं। रेप के केस में 7 साल या उम्रकैद की सजा हो सकती है। अगर कोई पुरुष महिला पर सेक्‍जुअल कमेंट करता है तो उसे 1 साल की सजा हो सकती है।

5. मेटर्निटी लीव- गर्भवती महिला को 26 हफ्ते की मेटर्निटी लीव बिना सैलरी कटे हुए मिलेगी। छुट्टी के दौरान महिला को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता और अगर उसका टीम लीड उसे इस अधिकार से वंचित करता है तो, वह उसकी शिकायत महिला कोई में कर सकती है।

6. पहचान छुपाने का अधिकार- अगर किसी महिला पर कोई आरोप लगा है या रेप हुआ है तो से अपनी पहचान छुपाने का अधिकार है। चाहे वह पुलिस हो या फिर मीडिया, अगर वह महिला की पहचान सार्वजनिक करता है तो वह कानूनी अपराध होगा।

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