यह कैसा मंदिर जो 1600 साल से अब तक हवा में ही खड़ा है

 


दुनिया में एक ऐसा मंदिर भी है जो हवा में खड़ा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं नॉर्थ चाइना के उस हवा मंदिर की जो केशानसी प्रांत में हंग पहाड़ी की एक चट्टान पर खड़ा है। यह मंदिर जमीन के तल से 75 मीटर या 246. फुट ऊपर बनाया गया है।

इस मंदिर के पास नगर तांथोगा है, जो इसके उत्तर पश्चिमी में 64.23 किमी दूर है। यह हवा में खड़ा मंदिर ऐतिहासिक स्थलों और पर्यटक आकर्षणों में से एक है। यह चीन में अब तक सुरक्षित एकमात्र बौद्ध ताओ और कंफूशियस धर्मों की मिश्रित शैली से बना अद्भुत मंदिर है। बता दें कि, इस जगह को दुनिया की दस सबसे अजीब खतरनाक इमारतों में शामिल किया गया है। हंग पहाड़ी के इतिहास के अनुसार मूल मंदिर का निर्माण लियाओ नाम के एक भिक्षु ने अकेले शुरू किया था। यह मंदिर 1600 साल से भी ज्यादा पुराना है।

यह मंदिर घनी पहाडिय़ों की घाटी में फैले एक छोटे से बेसिन में बना हुआ है। इस घाटी की दोनों तरफ सौ मीटर की ऊंचाई वाली सीधी चट्टानें हैं और मंदिर चट्टान पर जमीन से पचास मीटर की ऊंची सतह पर बना हुआ है, जो हवा में खड़ा हुआ दिखाई देता है। इसमें जाने के लिए लकड़ी से बने रास्ते से पैदल जाना पड़ता है, जिससे पैर के दबाब से लकड़ी का ये रास्ता आवाज तो जरूर करता है , लेकिन चट्टान से सटा ये मंदिर जरा भी हिलता नजर नहीं आता।

यह मंदिर चीन के शानसी प्रांत में पहाड़ की चट्टान में ओर जमीन से ५० मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है। यह मंदिर बौद्ध, ताओ, ओर कन्फ्यूशियस यह त्रिधर्मो की मिश्रित शैली से बना, एवम् चीन के सुरक्षित प्राचीन वास्तु निर्माणों में से एकमात्र अत्यंत अद्दभुत मंदिर है। मंदिर के उपर पहाड़ का विशाल टुकड़ा बाहर की ओर आगे बढा हुआ है, जिसे देखकर लगता है की वो अभी मंदिर पर गिर जाएगा।

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