बचपन में देखी बिल गेट्स की प्रोफाइल, 13 साल की उम्र में बना दिए 22 एप



15 Aug. 17:07

मलेरिया के लक्षणों का पता लगाने वाला एप बनाने के लिए फेसबुक ने 13 वर्षीय नमन तिवारी को 33 हजार रुपये का अवॉर्ड दिया है। अब नमन एड्स और पोलियो की जानकारी देने वाला एप बनाने की तैयारी कर रहा है।

* कोतवाली क्षेत्र के चौक मोहल्ले में रहने वाले नमन तिवारी के पिता अनूप तिवारी मेडिकल फार्मासिस्ट हैं। नमन तिवारी अभी 9वीं क्लास में पढ़ रहा है। जब उसने ये एप बनाया तब वह आठवीं क्लास में था।

* इस ऐप का नाम मलेरिया डिफेन्डर है। खास बात ये है कि इस ऐप के साथ डाक्टरों के एक हब को भी जोड़ा गया है। जिनसे आप राय ले सकते हैं। फेसबुक ने इस मलेरिया डिफेंडर एप के लिए उसे 33 हजार के गैजेट्स के लिए क्रेडिट अवॉर्ड दिया है।

* नमन तिवारी का कहना है कि वो बड़ा होकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। उसने न्यूज पेपर, न्यूज चैनल, सोशल मीडिया में देखा कि भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में करीब 3.2 बिलियन लोग मलेरिया के शिकार हैं। कुछ लोग डाक्टर के पास जाते हैं तो कुछ लोग नही जाते हैं। जो लोग डाक्टर से सलाह नही ले पाते हैं उनके लिए ये एप बहुत कारगर साबित होगा।

* ये एप डाउनलोड करने के बाद जब खोलेंगे तो इसमें एक ऑप्शन आएगा। जिसमें यस या नो पूछा जाएगा। यस दबाते ही आपको पता चल जाएगा कि आपको मलेरिया है या नहीं। अगर है तो आप एप के जरिए डाक्टर से भी शेयर कर सकते हैं।

* नमन का कहना है कि उसके इस एप बनाने में फेसबुक का बहुत बड़ा योगदान है। फेसबुक आर्गेनाइजेशन एफबी स्टार्ट ने कई ऐसे टूल्स दिए जो इस एप को बनाने में जरूरी थे।

* फेसबुक ने पांच सौ डॉलर के एप क्रेडिट का सहयोग किया। उसके बाद जो सॉफ्टवेयर उसे चाहिए होते थे उसमें डिस्काउंट भी दिया जाता था। फेसबुक ने उसकी बहुत मदद की।

* मां रंजना तिवारी का कहना है कि उनका बेटा नमन जब छोटा था तो उसका रूझान कंप्यूटर की तरफ ज्यादा था। स्कूल के बाद वह पूरा दिन कम्प्यूटर पर गेम खेलता रहता था।

* एक बार उसका बेटा कम्प्यूटर के पास बैठा था तब उनकी नजर पड़ी तो वह बिल गेट्स की प्रोफाइल देख रहा था और दुनिया के मशहूर लोगों के बारे में जानना की इच्छा रखता है।

* मां को एहसास हुआ कि उनका बेटा कंप्यूटर और इंटरनेट का गलत इस्तेमाल नहीं कर रहा है। नमन ने मां से 24 घंटे इंटरनेट इस्तेमाल करने की परमिशन ली और काम शुरू कर दिया।

* मां-बाप का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है कि वो जनहित के लिए काम कर रहा है।

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