गुरु का कन्या राशी में गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव | गुरु बदल रहे है अपना स्थान


गुरु / बृहस्पति गोचर में कन्या राशि में  11 अगस्त 2016 को प्रवेश करने वाले हैं और इसी राशि में वे 12 सितम्बर 2017 तक भ्रमण करते रहेंगे। गुरु /बृहस्पति  का कन्या में गोचर का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा। आइये जानते है कि बृहस्पति/ गुरु का सिंह से कन्या राशि में परिवर्तन से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा धन, भाई-बंधू, माता-पिता, परिवार, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक जीवन इत्यादि का कितना प्रभाव पड़ेगा।  इस राशि में गुरु सबसे पहले सूर्य के उतरा फाल्गुनी नक्षत्र में भ्रमण करेंगे उसके बाद  चन्द्र तथा मंगल के नक्षत्र में परिभ्रमण करेंगे। वही नवांश में  मकर राशि से लेकर कन्या राशि तक क्रमशः परिभ्रमण करेंगे। गुरु का अपने मित्र राशि में आने से मांगलिक कार्य होने के संकेत मिलता है।

 
यहां लग्न तथा चंद्र राशि को आधार मानकर, गुरु का द्वादश राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है कि विस्तृत विवेचना की जा रही है।
जन्म कुंडली में चन्द्रमा जिस राशि में होता है उसे ही राशि या चन्द्र राशि कहते है।
! गुरु का गोचर में कन्या राशि में आने से सभी राशियों पर क्या-क्या असर पड़ेगा है।

गुरु का मेष राशि पर प्रभाव |

मेष राशि तथा मेष लग्न वालो के कुंडली में वृहस्पति का गोचर छठे / षष्ठ भाव में हो रहा है। गुरु यहाँ बैठकर कर्म, व्यय तथा धन स्थान को देख रहा है अतः स्पष्ट है की कठिन मेहनत से ही सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र के लिए अनुकूल समय है यदि नौकरी की तलाश कर रहे है तो  निश्चित ही नौकरी मिलेगी। यदि नौकरी में परिवर्तन चाह रहे है तो अनुकूल समय है आपको इस समय का लाभ उठाना चाहिए।आर्थिक व पारिवारिक मामलों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।व्यवसाय के लिए लोन लेने पड़ सकते है। लड़ाई-झगड़ा एवं विवाद का योग बन रहा है इसलिए यथा सम्भव इससे बचने का प्रयास करे। विद्यार्थियों(Students) के लिए प्रतियोगिता में सफलता पाने का सुवसर है  प्रतियोगी बने सफलता कदम चूमेगी। स्वास्थ खराब हो सकता है अतः तुरंत ध्यान दे आलस्य न करे। शत्रुओ से बचे उसे हावी न होने दें। भाग्येश गुरु कर्म तथा विदेश भाव को देख रहा  अतः कार्य को लेकर विदेश यात्रा या लम्बी यात्रा करनी पड़ सकती है।

गुरु का वृषभ राशि पर प्रभाव |

वृष राशि तथा वृष लग्न वालो के कुंडली में वृहस्पति का गोचर पंचम भाव में होगा। पंचम भाव लक्ष्मी, संतान, बुद्धि, प्यार, शेयर मार्किट इत्यादि का भाव है अतः जातक को इससे सम्बंधित विषय विशेष का शुभ – अशुभ दोनों समाचार मिलेगा। शेयर मार्केट में पैसा सोच-समझकर ही लगाए अचानक लाभ तथा हानि दोनों के लिए तैयार रहे। यदि  आप विद्यार्थी है तो उसे शिक्षा के क्षेत्रों  में सफलता विलम्ब के साथ मिलेगी यदि कही किसी कोर्स में एडमिशन लेना चाहते है तो एडमिशन तो मिलेगा परन्तु परेशानी के साथ। कोई नया प्रोजेक्ट पर भी काम करना पर सकता है। आप अपने बुद्धि कौशल से भाग्य का निर्माण करेंगे इस बात का अवश्य ही ध्यान रखे। नौकरी करने वाले जातक को नए दायित्व का निर्वहन करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यदि प्रोन्नति(promotion) के लिए सोच रहे है तो इसका लाभ मिल सकता है। आपके घर परिवार में किसी न किसी प्रकार का शुभ कार्य का आयोजन निश्चित ही होगा। संतान पक्ष से कुछ कष्ट हो सकता है। व्यापार तथा व्यवसाय में लाभ ही लाभ होगा परन्तु जल्दबाजी न करे। आपको अपने मित्रों  का सहयोग (Help of friends) मिलेगा तथा नए मित्र भी बनेंगे। स्वास्थ के दृष्टिकोण से वृहस्पति का गोचर ठीक ही रहेगा परन्तु पेट से सम्बन्धित बिमारी परेशान कर सकता है। आपका सामाजिक दायरा बढे़गा तथा धर्म स्थलों पर जाने तथा धार्मिक कार्यो से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

गुरु का मिथुन राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि वालो के लिए इस समय गुरु का गोचर चतुर्थ भाव में होगा अतः जातक को चतुर्थ भाव से सम्बंधित फल की प्राप्ति होगी। अगर आप नए घर  (New house) की तलाश में है तो इस अवधि में मकान लेकर नव-निर्मित घर में प्रवेश कर सकते हैं। नई गाड़ी का भी योग है। घर-परिवार में सौहार्द पूर्ण वातावरण बना रहेगा। आपके सामाजिक तथा पारिवारिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। बड़े अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। यदि आप नौकरी की तलाश में है तो निश्चय ही नौकरी मिलेगी। यदि नौकरी में परिवर्तन चाहते है तो इसके लिए भी अनुकूल समय है। इस समय आपके द्वारा सोचे गए सभी कार्य पूरे होने की प्रबल सम्भावना है। आपको साझेदारी में कोई व्यवसाय करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी तथा मेहनत का पूर्ण फल मिलेगा।  धार्मिक कार्यो में रूचि बढ़ेगी। प्रोपर्टी में पैसा लगा सकते है। स्वास्थ्य ठीक ही रहेगा परन्तु ध्यान देने की आवश्यकता है।

गुरु का कर्क राशि पर प्रभाव |

बृहस्पति का गोचर आपके तृतीय भाव में हो रहा है फलस्वरूप आप मेहनत से भाग्य का निर्माण करने में सफल होंगे। पैतृक सम्पति को लेकर अथवा अन्य कारण से भी भाइयो में विवाद हो सकता है। अगर ऐसी स्थिति आती है तो धैर्य तथा विवेक का परिचय दे सब ठीक हो जाएगा। गुरु का यहाँ होने से   आपके अंदर नए कार्यो के प्रति रूचि बढ़ेगी। प्रचुर मात्रा में मान सम्मान में वृद्धि होगी। छोटी यात्रा (short Journey) का बार-बार संयोग बनेगा तथा यात्राओं के माध्यम आपका काम भी पूर्ण होगा। यात्रा के समय विवाद से बचें यात्रा में चोट भी लग सकता है अतः गाडी संभलकर चलाने में ही बुद्धिमानी होगी। आप अपने स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान रखे। तृतीये भाव से वृहस्पति अपने पंचम दृस्टि से सप्तम भाव को देख रहा है अतः विवाह की इच्छा रखने वालो की इच्छा पूरी होगी। पार्टनरशिप में कोई कार्य होने की सम्भावना बनेगी तथा उससे लाभ भी मिलेगा। मामा के यहाँ कोई शुभ कार्य होगा और आपको जाने का मौका मिलेगा।

गुरु का सिंह राशि पर प्रभाव |

गोचर में वृहस्पति /गुरु आपके धन भाव में रहेगा तथा वहाँ से सप्तम दृष्टि से अष्टम भाव को  देख रहा है अतः रुका हुआ धन सम्पति का लाभ मिल सकता है। इन्सुरेंस की परिपक्वता राशि मिल सकती है। अचानक नौकरी भी मिल सकती है। वृहस्पति भाग्येश होकर गोचर में द्वितीय भाव में है घर परिवार में कोई नए मेहमान आ सकते है परिवार में वृद्धि हो सकती है। शुभ कार्यो में व्यय होगा। कई बार कार्यो में रुकावट भी आएगी परन्तु अंततः सफलता मिलेगी। बीमारी से बचे। ऋण लेने का योग है अतः आपको ऋण लेना पड़ सकता है। संतान  चाहने वाले व्यक्ति को संतान सुख मिलेगा तथा प्यार करने वाले को प्यार का सुख मिलेगा  संतान के ऊपर खर्च करने का अवसर मिलेगा। प्रेम का नया दौर शुरू हो सकता है। पिताजी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है इससे उनके कार्यक्षेत्र पर भी असर पर सकता है।

गुरु का कन्या राशि पर प्रभाव |

कन्या राशि वालो के लिए बृहस्पति चतुर्थेश तथा सप्तमेश होकर लग्न में स्थित है यह स्थिति आपके लिए अनुकूल है  बंधू बांधव का सुख मिलेगा। यदि आप विवाह के इच्छुक है तो विवाह के बंधन में बंध सकते हैं। प्रेम और विवाह दोनों संभव है।  घर परिवार में सुख शांति का माहौल रहेगा परिवार में कोई शुभ कार्य होने के प्रबल योग बन  रहा है। आय में वृद्धि होगी परन्तु कभी-कभी रूकावट भी आएगी उससे घबराये नहीं। कार्य स्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में प्रोन्नति भी मिलने की सम्भावना है। अपने स्वभाव में सकारात्मक एवं तार्किक सोच विकसित करें।

गुरु का तुला राशि  पर प्रभाव  |

तुला राशि के लिए बृहस्पति( Jupiter) बारहवें भाव में गोचर कर रहा है यह स्थिति जातक के लिए बहुत अच्छी नहीं है आपके परिश्रम का ह्रास होगा आलस्य बढ़ेगा नकारात्मक सोच बढ़ेगा फलस्वरूप आप मानसिक रूप से परेशान होंगे। आत्मविश्वास की कमी होगी। भाइयो तथा घर-परिवार का व्यय बढ़ेगा। शत्रु आपके ऊपर हावी हो सकते है इस कारण आप बेवजह परेशान होंगे। किसी शुभ कार्यो में व्यय होगा। फिर भी अधिक खर्च से बचने में बुद्धिमानी होगी। पत्नी से अकारण विवाद हो सकता है।  व्यर्थ तथा धर्म-स्थल की यात्राएं हो सकती है। ईश्वर आराधना करे आपका कल्याण होगा। यदि पार्टनरशिप में यदि कोई कार्य कर रहे है तो धैर्य बनाये रखे तथा सम्बन्धो में छोटी-छोटी बात को लेकर करवाहट न लाये अन्यथा इसके परिणाम भयंकर हो सकते है।

गुरु का वृश्चिक राशि पर प्रभाव |

वृहस्पति/गुरु  दूसरे तथा पांचवे भाव का स्वामी होकर गोचर में आपके लाभ स्थान में स्थित है अतः आपको आपको धन तथा परिवार का लाभ मिलेगा।  प्रबल धन योग बन रहा है। अतः धन उपार्जन के नए-नए रास्ते मिल सकते हैं। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। नए कार्य की शरुआत हो सकती है। यदि विद्यार्थी है तो आपका कोई न कोई पाठ्यक्रम में प्रवेश मिल सकता है। आपके बड़े भाई का सहयोग मिलेगा। आपमें प्यार (Love) का परवान भी चढ़ सकता है अतः अपनी मर्यादा का ध्यान रखते हुए ही कदम आगे बढ़ाये। झूठ-सच बोलकर लाभ लेने से बचें। आप वैवाहिक बंधन में बंध सकते है।

गुरु का धनु राशि पर प्रभाव |

लग्न का स्वामी गुरु का गोचर आपके कर्म भाव में हो रहा है अतः आपके  कार्यो का विस्तार बढ़ेगा। आपके व्यापार और व्यवसाय में वृद्धि होगी। व्यवसाय और नौकरी को लेकर की गई यात्राएँ सुखद रहेगा। आपको अधिकारियो का सहयोग मिलेगा। सामजिक तथा पारिवारिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।  नए नौकरी मिलेगी तथा नौकरी(Job)  में परिवर्तन का यह अनुकूल समय है। नौकरी में प्रोन्नति भी मिलेगी। नया मकान ले सकते है या पुराने मकान का सौंदर्यीकरण करा सकते है। व्यापार में धन का निवेश कर सकते है। स्वास्थ उत्तम बना रहेगा। परिवार का माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा।

गुरु का मकर राशि पर प्रभाव |

बृहस्पति का गोचर आपके भाग्यस्थान पर हो रहा है इस कारण गुरु गोचर 2016 आपके भाग्योदय में निश्चित ही सहायक होगा। गुरु आपके कुंडली में बारहवे और तीसरे भाव का स्वामी होकर भाग्य भाव स्थित होकर आपके अंदर प्रचुर उत्साह और विश्वास का संचार बनाये रखेगा। आप अपने व्यवसाय को नए मुकाम पर लेकर जा सकते है आपको इसके लिए उचित अवसर तथा लोगो का साथ भी मिलेगा।  लघु तथा लम्बी यात्रा करनी पड़ सकती है और इससे लाभ भी मिलेगा। आप भविष्य के लिए नई व्यवस्था बनाने में सफल होंगे। कर्म पर जोड़ दे ज्यादा भाग्यवादी न बने। मान-सम्मान में बढोत्तरी हो सकता है। योगाभ्यास (yoga practice) करे मन बुद्धि शांत रहेगा। विदेश (Abroad) जाने के लिए सोच रहे है तो यह अनुकूल समय है प्रयास करे सफलता मिलेगी। घर परिवार का  माहौल आपके अनुकूल रहेगा। आप धर्म से जुड़ सकते है।

गुरु का कुम्भ राशि पर प्रभाव |

कुम्भ राशि के है तो अगस्त 2016 से गुरु/ बृहस्पति का गोचर आपके अष्टम भाव में हो रहा है अत: आपके कार्यो में अवश्य ही रूकावट आएगी परिणाम स्वरूप आपका मन अशांत रहेगा संयम बरतें अपने आप समस्या का समाधान निकल जाएगा। आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होगा। गुरु धन भाव तथा लाभेश होकर अष्टम स्थान में विचरण कर रहा है अष्टम स्थान से धन भाव पर गुरु की दृष्टि होने से धन लाभ होने की सम्भावना है इंट्रेस्ट अथवा फिक्स्ड डिपाजिट से लाभ मिल सकता है। अकस्मात धन लाभ हो सकता है साथ ही खर्च भी बढ़ेगा।  प्रॉपर्टी के ऊपर व्यय होगा। इस समय धन का निवेश करना ठीक नहीं होगा। आर्थिक मामलों में बड़ी ही सावधानी रखने की जरूरत है। तंत्र-मंत्र के जाल में  फंस  फस सकते है  इससे बचना ही बेहतर विकल्प है। इस समय आप आध्यात्म की ओर प्रवृत्त हो सकते है। अपने ऊपर श्रद्धा तथा विश्वास बनाये रखें।

गुरु का मीन राशि पर प्रभाव

बृहस्पति/गुरु गोचर में सप्तम भाव में  रहेगा और यहाँ से लग्न को देख रहा है आपकी  इच्छाएं पूर्ण होगी। यदि पार्टनरशिप में कोई कार्य करना चाहते है तो आप कर सकते है। यदि किसी नए काम अथवा नौकरी की तलाश में है तो अवश्य ही सफलता मिलेगी। यात्रा का योग बन रहा है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। विवाह (Marriage) का योग बन रहा है। यदि आप विवाह के उम्र में प्रवेश कर गए/गई है तो गुरु का गोचर आपकी इच्छा की पूर्ति करेंगे। यदि कोई वैवाहिक समस्या है तो शीघ्र ही दूर होगी परन्तु ऐसे नहीं आपके सकारात्मक और निष्पक्ष बुद्धि-विवेक से। प्यार का दौर शुरू हो सकता है। धन का निवेश कर सकते है परन्तु सोच समझकर करे। नौकरी (Service) में प्रोन्नति मिल सकता है। पत्नी से लाभ मिलने का योग बन रहा है पत्नी का सहयोग मिलेगा आप भी उनकी ख़ुशी का ख्याल रखे तथा अपना  विश्वास बनाये रखे।  मित्रो तथा अधिकारियो का पूर्ण सहयोग मिलेगा परन्तु तुरंत नहीं धैर्य रखें।

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