100 बीमारी ख़त्म करने की एक दवा। पान। जानिये पान खाने के लाभ

सवाल:

1.पान खाने के बारे में लोग तरह-तरह की बातें करते हैं?
क्या यह सचमुच फायदेमंद है?

2.इसे क्यों और कैसे खाना चाहिए?


3.ये पलंगतोड़ पान क्या है?

जवाब : पान पाचन को बेहतर बनाने में सहायक है। यह मुंह की बदबू दूर करता है और इसमें कुछ पदार्थ ऐसे होते है जो कामेच्छा बढ़ाने में योगदान देते हैं। कई बार पान का लाल रंग कुछ लोगों के आकर्षण में इजाफा कर सकता है।

पान में क्या खास पान के पत्ते में डाएस्टेस (Diastase) नाम का एंजाइम होता है जो स्टार्च को पचाने में मदद करता है। हम भारतीयों का खाना काफी स्टार्च युक्त होता है जैसे चावल, आलू आदि। पान में इस्तेमाल होने वाला कत्था एक एंटिसेप्टिक होता है जो दांत की बीमारियों को दूर रखता है। विश्व प्रसिद्ध हेल्थ मैग्जीन लैंसेट (Lancet) का कहना है कि चूना भी एंटीसेप्टिक होता है और इसमें मौजूद कैल्शियम की वजह से यह हड्डियों और प्रेग्नेंसी में फायदेमंद होता है। अगर सुपाड़ी इसमें डालें तो भुनी हुई ही डालें। यह कफ के रोगों का नाश करती है और खाने में रुचि पैदा करती है। ध्यान रहे गीली सुपाड़ी न खाएं। पान में अगर मुलेठी डालें तो गला साफ रहता है और स्वर बेहतर होता है, साथ ही एसिडिटी में भी फायदा होता है। इलाइची मुंह में स्वाद पैदा करती है और बदबू खत्म करती है, जिससे करीबियत में इजाफा हो सकता है। बड़ी सौंफ बदबू नाशक होती है और पाचन में मददगार होती है। लौंग भी दांत की बीमारियों को दूर करता है, इसे आयुर्वेद में स्तंभक यानी डिस्चार्ज में देरी लाने वाला कहा है। आयुर्वेद के अनुसार, खाना खाने के बाद और सहवास से पहले पान खाया जा सकता है।

नोट : पान हमेशा पत्ते के बीच की और अन्य मोटी शिराएं निकाल कर खाएं। आयुर्वेद के ग्रंथ भावप्रकाश भी कहता है कि शिरा बुद्धि का नाश करती है। पान खाने के बाद मुंह जरूर साफ करें।

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