प्रेम ही प्रभु है -मैं कहता आँखन देखी

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                   प्रेम ही प्रभु है -मैं कहता आँखन देखी
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मैं एक यात्रा में था। वहां किसी ने पूछा था—मनुष्य की भाषा में सबसे मूल्यवान शब्द कौन—सा है?
मैंने कहा था— *''प्रेम''* ! तो पूछने वाले मित्र चौके थे। उन्होंने सोचा होगा कि मैं कहूंगा—'आत्मा या परमात्मा’। उनकी अपेक्षा भी स्वाभाविक ही थी किंतु उनकी उलझन को देखकर मुझे बहुत हंसी आ गई थी और मैंने कहा था— *"प्रेम ही प्रभु है"!*

निश्‍चय ही इस पृथ्वी पर जो किरण शरीर और मन के पार से आती है, वह किरण प्रेम की है।

प्रेम संसार में अकेली ही अपार्थिव घटना है। वह अद्वितीय है। मनुष्य का सारा दर्शन, सारा काव्य, सारा धर्म उससे ही अनुप्रेरित है। मानवीय जीवन में जो श्रेष्ठ और सुंदर है, वह सब प्रेम से ही जन्म और जीवन पाता इसलिए मैं कहता हूं कि प्रेम ही प्रभु है। प्रेम की आशा—किरण के सहारे ही प्रभु के आलोकित लोक तक पहुंचा जाता है। प्रभु को सत्य कहने से भी ज्यादा प्रीतिकर उसे प्रेम कहना है। प्रेम में जो रस, जो जीवंतता, संगीत और सौदर्य है, वह सत्य में नहीं है। सत्य में वह निकटता नहीं है, जो प्रेम में है। सत्य जानने की ही है, प्रेम होने की भी!

प्रेम का विकास और पूर्णता ही अंततः प्रभु—प्रवेश में परिणत हो जाता है।
मैंने सुना है कि आचार्य रामानुज से किसी व्यक्ति ने धर्म—जीवन में दीक्षित किए जाने की प्रार्थना की थी। उन्होंने उससे पूछा था, ‘मित्र, क्या तुम किसी को प्रेम करते हो?’ वह बोला था—'नहीं, मेरा तो किसी से प्रेम नहीं है, मैं तो प्रभु को पाना चाहता हूं।’ यह सुनकर रामानुज ने दुखी हो उससे कहा था—''फिर मैं असमर्थ हूं। मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं कर सकता हूं। प्रेम तुम्हारे भीतर होता तो उसे परिशुद्ध कर प्रभु की ओर ले जाया जा सकता था। लेकिन तुम तो कहते हो कि वह तुममें है ही नहीं!''

प्रेम का अभाव सबसे बड़ी दरिद्रता है। जिसके भीतर प्रेम नहीं है, वह दीन है। वैसा व्यक्ति अपने हाथों नरक में है। श्वास—श्वास का, प्रेम से परिपूरित हो जाना ही मैने स्वर्ग जाना है। वैसा व्यक्ति जहां होता है, वह स्वर्ग होता है।

मनुष्य अदभुत पौधा है। उसमें विष और अमृत दोनों के फूल लगने की संभावना है। वह स्वयं के चित्त को यदि घृणा और अप्रेम से परिपोषित करे तो विष के फूलों को उपलब्ध हो जाता है और वह चाहे तो प्रेम को स्वयं में जगाकर अमृत के फूलों को पा सकता है।

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🌈 *मैं कहता आँखन देखी-*👁 👁
🔉🔊 *प्रवचन-2⃣4⃣* 🎶🎶
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*प्रेम नमन*🙏�🌹

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