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किडनी ट्रांस्प्लांट और डायलेसिस का रामबाण देसी इलाज aayurved treatment of kidney failure and transplant  dialysis

250 ग्राम गोखरू कांटा (ये आपको पंसारी से मिल जायेगा) लेकर 4 लीटर पानी मे उबालिए जब पानी एक लीटर रह जाए तो पानी छानकर एक बोतल मे रख लीजिए और गोखरू कांटा फेंक दीजिए। इस काढे को सुबह शाम खाली पेट हल्का सा गुनगुना करके 100 ग्राम के करीब पीजिए। शाम को खाली पेट का मतलब है दोपहर के भोजन के 5, 6 घंटे के बाद। काढ़ा पीने के एक घंटे के बाद ही कुछ खाइए और अपनी पहले की दवाई ख़ान पान का रोटिन पूर्ववत ही रखिए।15 दिन के अंदर यदि आपके अंदर अभूतपूर्व परिवर्तन हो जाए तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा बंद कर दीजिए।जैसे जैसे आपके अंदर सुधार होगा काढे की मात्रा कम कर सकते है या दो बार की बजाए एक बार भी कर सकते है।सावधानिया और परहेज।
और ये काढ़ा सुबह शौच जाने के बाद पीना हैं। और काढ़े और नाश्ते के बीच में 1 से डेढ़ घंटे का अंतर रखना हैं। और नाश्ते में मैदे से बानी हुयी कोई भी वास्तु नहीं खानी जैसे बिस्कुट, नान खटाई, पाव, ब्रेड इत्यादि। और लंच में दाल करेला भिन्डी बैंगन टमाटर शिमला मिर्च पालक नहीं खाना। फ़ास्ट फ़ूड जंक फ़ूड कोल्ड ड्रिंक तली हुयी चीजे तो ज़हर के समान हैं। नमकीन चटपटी चाट वगैरह कुछ भी नहीं खाना। ठंडा…

जिंदगी क्या है जिंदगी हिंदी शायरी जिंदगी के सफर में दो लाइन शायरी जिंदगी कैसी है पहेली जिंदगी का सफर जिंदगी शायरीशायरी हिंदी में

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जानिये बाजीराव प्रथम के बारे में बहुत सी बाते जो बाजीराव मस्तानी में कुछ भी नहीं बताया गया। intresting information about bazirao

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जब बाजीराव मस्तानी फिल्म देखी तो इसका अंत बिकुल हजम नहीं हुआ. भंसाली की मजबूरियां थीं कि फिल्म को हिंदू-मुस्लिम दोनों तरह के दर्शकों की कसौटी पर खरा उतारते हुए उसका रोमांटिक चरित्र ही बनाए रखना था।आगे की पीढ़ियां बाजीराव को एक रोमांटिक हीरो की तरह जानेंगी, जिसने कट्टर ब्राह्मणों से टक्कर लेकर भी अपनी मुस्लिम बीवी को बनाए रखा। बेटे का संस्कार ना करने पर उसका नाम बदलकर गुस्से में कृष्णा से शमशेर बहादुर कर दिया। जोधा अकबर की तरह बाजीराव मस्तानी को भी जाना जाएगा।
- पर जब उनके बारे में शोध किया तो लगा ऐसे अनसंग हीरो की गाथा लोगों को अवश्य बतानी चाहिए. यहाँ तक की महाराष्ट्र में भी बच्चों को शिवाजी का इतिहास पढ़ाया जाता है पर बाजीराव प्रथम के बारे में कुछ भी नहीं बताया जाता.
- बाजीराव 6 फूट लम्बे थे , साथ ही उनके हाथ भी लम्बे थे. बलिष्ठ निरोग शरीर , तेजस्वी कांती, तांबई रंग की त्वचा, न्यायप्रिय. उन्हें सफ़ेद या हल्के रंग के वस्त्र पसंद थे. जहां तक हो सके स्वयं के काम स्वयं करते थे. उनके 4 घोड़े थे- निला, गंगा, सारंगा आणि अबलख. उनकी देखभाल स्वयं करते थे. घोड़े को तेज़ चलाते चने खाते वे सबसे तेज़ …

ऐसा सच जो अपने को शाकाहारी कहने वालों को चौंका देगा....!!!

🚩ऐसा सच जो अपने को शाकाहारी कहने वालों को चौंका देगा....!!!💥सरकार द्वारा लाईसेंस प्राप्त भारत में कुल 3600 बड़े कत्लखाने हैं जिनके पास पशुओं को काटने का लाईसेंस है।💥इसके अलावा 35000 से अधिक छोटे मोटे कत्लखाने हैं जहाँ हर साल 4 करोड़ पशुओं का कत्ल किया जाता है। ये सभी गैर कानूनी ढंग से चल रहे हैं।💥इसमें गाय ,भैंस , सूअर, बकरा ,बकरी , ऊंट,मुर्गीयाँ आदि सभी शामिल हैं।💥भारत में ऐसे केवल 20% लोग है जो रोज माँस खाते हैं और सब तरह का माँस खाते है 💥माँस के अलावा दूसरी जो चीज क़त्ल से प्राप्त की जाती है वो है तेल,जिसे Tellow कहते हैं ।💥गाय के माँस से जो तेल निकलता है उसे Beef Tellow और सूअर की माँस से जो तेल निकलता है उसे Pork Tellow कहते है ।💥इस तेल का सबसे ज़्यादा उपयोग चेहरे पर लगाने वाली क्रीम बनाने में होता है जैसे फेयर & लवली, पोंड्स, इमामी इत्यादि |
💥जैसा कि आप सब जानते होंगे क़ि मद्रास हाई कोर्ट में श्री राजीव दीक्षित ने विदेशी कंपनी "फेयर & लवली" के खिलाफ केस जीता था ।
जिसमे कंपनी ने खुद माना था कि वो क्रीम में सूअर की चर्बी का तेल मिलाते हैं।💥कत्लखानों मे म…

ठंड में इस तरह खाएं तिल, इन 10 प्रॉब्लम्स की हो जाएगी छुट्टी

🌷 तिल 🌷🔸 सर्दी के मौसम में तिल का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसे खाने से शरीर को बहुत ऊर्जा मिलती है। इस मौसम में तिल के तेल की मालिश करने से ठंड से बचाव होता है। तिल खाने से न केवल पेट के रोग, बल्कि अन्य कई रोग भी दूर होते हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन, ऑक्जेलिक एसिड, अमीनो एसिड, प्रोटीन, विटामिन बी, सी व  ई की भरपूर मात्रा होती है। काले तिल व सफेद तिल दोनों का ही उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ठंड में तिल के उपयोग व इसे खाने से होने वाले फायदों के बारे में....👉🏻 ठंड में इस तरह खाएं तिल, इन 10 प्रॉब्लम्स की हो जाएगी छुट्टी🌕 1. ठंड में तिल गुड़ दोनो समान मात्रा में लेकर मिला लें।उसके लड्डू बना ले। रोजाना 2 बार 1-1 लड्डू दूध के साथ खाने से मानसिक दुर्बलता व तनाव दूर होता है। शक्ति मिलती है। कठिन शारीरिक श्रम करने पर सांस फूलना जल्दी बुढ़ापा आना बंद हो जाता है। तिल व तिल के तेल के सेवन से व सिर में इसकी मालिश करने से न केवल बाल घने और चमकदार होते हैं, बल्कि बालों का गिरना भी कम हो जाता है।🌕 2. रोजाना दो चम्मच काले तिल चबाकर खाइए और उस…