Amol Dil Se: मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ महफ़िल को गुलज़ार बंनाने आया हूँ

Amol Dil Se: मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ
महफ़िल को गुलज़ार बंनाने आया हूँ

उठो उठो कैदेगम से बाहर आओ
अपने जीवन को खुशबू सा फैलाओ

हरइक चेहरे को महकाने आया हूँ
मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ

तुम्ही कहते हो जीवन दो दिन का है
ये खिलता हुआ यौवन दो दिन का है

मौत से मैं नज़र मिलाने आया हूँ
मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ

माना अँधेरा है दिल रौशन करो
अदब से झुककर सबका वंदन करो

प्यार का दीपक जलाने आया हूँ
मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ

जो जीवन मिला स्वीकार करो अमोल
दुखो को खुशियो का हार करो अमोल

जख्मो का उपचार बताने आया हूँ
मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ

मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ
मैं हर दिल में प्यार जगाने आया हूँ

                   ❤अमोल❤

Amol Dil Se: शौख नज़र से नज़र मिली तो गज़ल हुई
हालेदिल की खबर मिली तो गज़ल हुई

मैं अपने आँसू की क्या कीमत समझु
वो आँखे जब तर मिली तो गज़ल हुई

तनहाई ये सूनापन ये खामोशी
शबेगम को सहर मिली तो गज़ल हुई

उम्रभर जिनकी ख्वाईश में भटका था
खुशियां खुद के घर मिली तो गज़ल हुई

आवाज़ें दिल ए गमगीन ने दी मगर
आरजू बेअसर मिली तो गज़ल हुई

अमोल जज्बातो के अहसासातो में
जब भी कोई बहर मिली तो गज़ल हुई
                 🍂अमोल🍂

बहर=गज़ल का मीटर


Amol Dil Se: तेरे दीदार की हसरत कर लूँगा
इजाजत दे मोहब्बत कर लूँगा
तू पेश आ किसी फकीर की तरह
तहेदिल से इबादत कर लूँगा
दरोे दिवार खोल के रखना
कोई हँसी शरारत कर लूँगा
लोग फिर फर्क न करेंगे
तुझे अपनी सूरत कर लूँगा
तेरे ख्यालो ख्वाब हो साथ
गमे दिल में राहत कर लूँगा
अमोल अब गजलो में
कोई कयामत कर लूँगा
            🙏अमोल🙏


Amol Dil Se: साहिर की किताब बड़ी सस्ती मिल गयी
चन्द सिक्को में ही जिंदगी मिल गयी

आज फिर हुई मोहब्बत की तौहीन
कचरे के डिब्बे ने इक बच्ची मिल गयी

मैं भी हो गया हूँ अब शाहो का शाह
अपने बुजुर्गो की मुझे पगड़ी मिल गयी

बदल गया तबसे नजरिया सारा
जब तवायफ़ में इक देवी मिल गयी

जबसे समन्दर के दिल को छुआ है
लहरो के रूप में ही कश्ती मिल गयी

अमोल खड़े थे जो ऊचा सर लेकर
इक दिन ये मिट्टी में मिट्टी मिल गयी
                   🍂अमोल🍂

Amol Dil Se: गमे दौरा है गुजर जायेगा
जब तू खुदमें ही ठहर जायेगा

दूर जाना है उसे जाने दे
छोड़कर तुझको किधर जायेगा

दिल मेरा फूल है संभाल के रख
इसको भिचोगे बिखर जायेगा

इतना भी खोफ़जदा मत होना
ये तो तूफां है उतर जायेगा

देखना मैं भी लिखूंगा गज़ले
जब मेरा दर्द उभर जायेगा

मैं न मैं हूँ न तू ही तू है अमोल
जब कोई मुझमे बिखर जायेगा
        🌹अमोल🌹

Amol Dil Se: पूछते हो के आरज़ू क्या है
क्या कहू मेरे रूबरू क्या है

मुझको गफ़लत में डालना न कभी
तू नहीं है तो चारसु क्या है

अपने जीवन को हमसे मत जोड़ो
हम दीवानो की आबरू क्या है

इश्क़ में ये भी मोड़ आता है
मैं अगर मैं नहीं तो तू क्या है

इश्क़ मुझसे नहीं तो क्या है अमोल
रोज़ नुझसे ये गुफ्तगू क्या है
                🌹अमोल🌹
[

Amol Dil Se: इक नहीं सौ बार है
मुझको तुझसे प्यार है

जितना मैं हूँ तू भी तो
उतना बेक़रार है

विरानो में फूल खिले
जब तेरा दीदार है

क्यों डरु मैं तूफां से
तू मेरी पतवार है

शायराना है मिज़ाज़
बातो में अश्आर है

अमोल तेरे इश्क़ में
मिटने को तैयार है
       🌹अमोल🌹

Amol Dil Se: हर गम से अंजाने है
आखिर हम दीवाने है
तेरे पहलू में आकर
लगता है परवाने है
रोते रोते पढ़ लेना
दर्द के अफ़साने है
फूल के बदले काँटे
ये कैसे नज़राने है
अमोल हमको लूट ले
इश्क़ के खज़ाने है
      अमोल

Amol Dil Se: गर्मीये हुस्न कस भरम रख लू
आ मैं इस दिलमें में तेरे गम रख लू

फिर कोई कैसे सतायेगा मुझे
ठहर मैं तेरे कुछ करम रख लू

मुझको आदत है जब्त करने की
तेरी खुशियो को क्यू न कम रख लू

तू मेरे दिल में धड़कता है अमोल
क्यू न तेरा मैं हर अलम रख लू
          🌹अमोल🌹

Amol Dil Se: होती है वो निसार मेरे दिल ए जार् पर
रखती है दिल पे हाथ मेरे हर अश्आर पर

हर एक बज़्म में है मेरे सैकड़ो रकीब
जबसे मेरी मोहब्बत है कुछ निखार पर

होकर के पड़े है घायल तेरे पहलू में
निकले थे अपने घर से कभी हम शिकार पर

हरइक नज़र ने कितना कहा मैंने कब सुना
ए जान कुछ तो बोल मेरे इन्तिज़ार पर

कैसे छुपाऊ तेरी मोहब्बत जहान से
लिखा है नाम तेरा दिले तार तार पर

ये चाँद सितारे ये तेरी गुफ़्तगु ओ जाम
मेरी तो हरइक रात अमोल है खुमार पर
            🙏अमोल🙏

] Amol Dil Se: तेरी महफ़िल के मैं निज़ाम बदल दूंगा
इब्तिदा कुछ भी हो अंजाम बदल दूंगा

इक दिन तू जरूर मेरी दीवानी होंगी
देख वर्ना मैं अपना नाम बदल दूंगा

तुझको मेरी तरहा खुमार चढ़ेगा रुक तो
जब तेरे हिस्से के हर जाम बदल दूंगा

इस दीवाने पे तेरी गर नज़र नवाज़िश हो
ख्यालो इल्म मैं तमाम बदल दूंगा

मेरी तबियत है फकीरो सी नज़र हाज़िर पर
क्या पता अगले पल पयाम बदल दूंगा

पता न पूछिये हरगिज़ मेरे ठिकाने का
जब के कल की सहर कायम बदल दूंगा

गर मुखतिफ न हो सका ये शौख रंगी में
तो फिर अमोल रूखे शाम बदल दूंगा
          🌹अमोल🌹

Amol Dil Se: तेरे चेहरे की तरहा खिलता हुआ लगे
ऐसा जख़्म दो मुझे हरदम हरा लगे

क्या बताऊ क्या मुकामें इश्क़ है जहा
तेरी बेवफाई भी मुझको वफ़ा लगे

मैं इस तरह जज़्बात अपने करता हूँ बयां
तू जाहिर भीहो जाये लेकिन बेपता लगे

सतरंगी है जिन्दगी सतरंगा आलम
फिर कैसा ये प्यार भी इकसा सदा लगे

मेरे जज्बातो में इतनी खुश्बू घुल गयी
मेरा हरइक लफ़्ज़ जैसे तुझसे मिला लगे

हा उसी के पास ही खज़ाने है बहोत
अमोल जोभी शक्स तुझको झुकता हुआ लगे
                🙏अमोल🙏

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