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janta ka anshan shivpuri jal kranti

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ये 4 प्रकार की तस्वीरें घर में नहीं लगाना चाहिए

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ये 4 प्रकार की तस्वीरें घर में नहीं लगाना चाहिए
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घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए तस्वीरों का उपयोग मुख्य रूप से किया जाता है। वास्तु के अनुसार तस्वीरों का भी प्रभाव होता है जो परिवार के सदस्यों के कार्यों पर और मानसिकता पर असर डालता है। इसी वजह से घर में ऐसी फोटो लगाने से बचना चाहिए जो नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है। यहां जानिए घर में किस प्रकार की तस्वीरें नहीं लगाना चाहिए...
1. डगमगाती हुई या डूबती हुई नाव का फोटो
काफी लोग घर में डूबती या लहरों में डगमगाती हुई नाव का फोटो लगाते हैं जो कि वास्तु के अनुसार अशुभ होती है। घर में हर रोज इस फोटो को देखने पर हमारी सोच पर भी गहरा असर होता है। मान्यता है कि ये फोटो भाग्य संबंधी बाधाएं उत्पन्न करती है। घर परिवार में तनाव बढ़ता है और वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
2. महाभारत युद्ध की फोटो
महाभारत युद्ध की फोटो भी घर में नहीं लगाना चाहिए। किसी भी प्रकार के युद्ध का चित्र हमारी सोच को भी आक्रामक बना सकता है। युद्ध का फोटो हर रोज देखने से हमारा स्वभाव गुस्से वाला हो सकता है। घर-परिवार में भी विवाद आदि…

दूब या 'दुर्वा' (वैज्ञानिक नाम- 'साइनोडान डेक्टीलान") what is durva or doova grass

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दूब या 'दुर्वा' (वैज्ञानिक नाम- 'साइनोडान डेक्टीलान") वर्ष भर पाई जाने वाली घास है, जो ज़मीन पर पसरते हुए या फैलते हुए बढती है। हिन्दू धर्म में इस घास को बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हिन्दू संस्कारों एवं कर्मकाण्डों में इसका उपयोग बहुत किया जाता है। इसके नए पौधे बीजों तथा भूमीगत तनों से पैदा होते हैं। वर्षा काल में दूब घास अधिक वृद्धि करती है तथा वर्ष में दो बार सितम्बर-अक्टूबर और फ़रवरी-मार्च में इसमें फूल आते है। दूब सम्पूर्ण भारत में पाई जाती है। यह घास औषधि के रूप में विशेष तौर पर प्रयोग की जाती है।पौराणिक कथा
***************"त्वं दूर्वे अमृतनामासि सर्वदेवैस्तु वन्दिता।
वन्दिता दह तत्सर्वं दुरितं यन्मया कृतम॥"पौराणिक कथा के अनुसार- समुद्र मंथन के दौरान एक समय जब देवता और दानव थकने लगे तो भगवान विष्णु ने मंदराचल पर्वत को अपनी जंघा पर रखकर समुद्र मंथन करने लगे। मंदराचल पर्वत के घर्षण से भगवान के जो रोम टूट कर समुद्र में गिरे थे, वही जब किनारे आकर लगे तो दूब के रूप में परिणित हो गये। अमृत निकलने के बाद अमृत कलश को सर्वप्रथम इसी दूब पर रखा गया था, …