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एक पूर्ण फकीर की मज़ार है, वहां जाकर जो अरदास करो वह पूर्ण होती है,मनचाही मुरादे बख्शी जाती हैं.

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किसी मज़ार पर एक फकीर रहते थे।
सैकड़ों भक्त उस मज़ार पर आकर दान-दक्षिणा चढ़ाते थे। उन भक्तों में एक बंजारा भी था।वह बहुत गरीब था,फिर भी, नियमानुसार आकर माथा टेकता,फकीर की सेवा करता,
और
फिर अपने काम पर जाता,
उसका कपड़े का व्यवसाय था,
कपड़ों की भारी पोटली कंधों पर लिए सुबह से लेकर शाम तक गलियों में फेरी लगाता,
कपड़े बेचता।एक दिन उस फकीर को उस
पर दया आ गई,
उसने अपना गधा उसे भेंट कर दिया।अब तो बंजारे की आधी समस्याएं हल हो गईं।
वह सारे कपड़े गधे पर लादता और जब थक जाता
तो
खुद भी गधे पर बैठ जाता।यूं ही कुछ महीने बीत गए,,एक दिन गधे की मृत्यु हो गई।बंजारा बहुत दुखी हुआ,
उसने उसे उचित स्थान पर दफनाया,
उसकी कब्र बनाई
और
फूट-फूट कर रोने लगा।समीप से जा रहे किसी व्यक्ति ने
जब यह दृश्य देखा,
तो सोचा
जरूर किसी संत की मज़ार होगी।
तभी यह
बंजारा यहां बैठकर अपना दुख रो रहा है।
यह सोचकर उस व्यक्ति ने कब्र पर
माथा टेका और अपनी मन्नत हेतु वहां प्रार्थना की कुछ पैसे चढ़ाकर वहां से चला गया।कुछ दिनों के उपरांत ही उस
व्यक्ति की कामना पूर्ण हो गई। उसने
खुशी के मारे सारे गांव में
डंका बजाया कि अमुक स्थान पर एक पूर्ण…

Agrawal samaj yuvak yuvti parichay sammelan shivpuri 2015

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मध्यदेशिय अग्रवाल समाज शिवपुरी द्वारा आयोजित दो दिवसीय परिचय सम्मलेन में
हजारो की संख्या में अग्रवाल बंधुओ ने भाग लिया साथ ही सैकड़ों युवक युवती ने मंच पर अपना परिचय दिया है और अपने जीवन साथी के बारे अपनी राय देकर जीवन साथी को खोजने के प्रयास किये गए। अग्रवाल समाज द्वारा पत्रिका का आयोजन किया गया जिसमे लगभग १३०० प्रविष्टियाँ हुई.
साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों व संभागो से बढ़चढ़कर लोगो ने भाग लिया और सम्मलेन को सफल बनाने योगदान दिया।२९ मार्च रविवार को सम्मलेन में कुछ जोड़े भी बने जो सम्मलेन के सफलता के परिणाम सिद्ध हुए। .विधुर और तलाकशुदा का जीवन संवारा अग्रवाल युवक-युवती परिचय सम्मेलन ने
गांधी पार्क मैदान में दो दिन के सम्मेन में हुए आधा दर्जन संबंध तय, समाज में उत्साह का वातावरण
शिवपुरी- ईश्वर के संसार रूपी इस दुनिया में हर किसी को जीवन जीने का अधिकार है खासतौर से पुरूष और स्त्री के जीवन में यदि किसी एक के असमय काल-कालवित होने पर विपत्तियों का पहाड़ टूट जाता है। ऐसे में मध्यदेशीय अग्रवाल समाज का परिचय सम्मेलन यह भ्रम मिटाता है कि तलाकशुदा और विधवा महिलाऐं भी पुन: जीवन जीने का अधिकार …

101 अचूक टोटके-101 achook totke in hindi

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101 अचूक टोटके----------


बुद्धि और ज्ञान----



१. माघ मास की कृष्णपक्ष अष्टमी के दिन को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में अर्द्धरात्रि के समय रक्त चन्दन से अनार की कलम से “ॐ ह्वीं´´ को भोजपत्र पर लिख कर नित्य पूजा करने से अपार विद्या, बुद्धि की प्राप्ति होती है।





2॰ उदसौ सूर्यो अगादुदिदं मामकं वच:।
यथाहं शत्रुहोऽसान्यसपत्न: सपत्नहा।।
सपत्नक्षयणो वृषाभिराष्ट्रो विष सहि:।
यथाहभेषां वीराणां विराजानि जनस्य च।।

यह सूर्य ऊपर चला गया है, मेरा यह मन्त्र भी ऊपर गया है, ताकि मैं शत्रु को मारने वाला होऊँ। प्रतिद्वन्द्वी को नष्ट करने वाला, प्रजाओं की इच्छा को पूरा करने वाला, राष्ट्र को सामर्थ्य से प्राप्त करने वाला तथा जीतने वाला होऊँ, ताकि मैं शत्रु पक्ष के वीरों का तथा अपने एवं पराये लोगों का शासक बन सकूं।
21 रविवार तक सूर्य को नित्य रक्त पुष्प डाल कर अर्ध्य दिया जाता है। अर्ध्य द्वारा विसर्जित जल को दक्षिण नासिका, नेत्र, कर्ण व भुजा को स्पर्शित करें। प्रस्तुत मन्त्र `राष्ट्रवर्द्धन´ सूक्त से उद्धृत है।

३॰ बच्चों का पढ़ाई में मन न लगता हो, बार-बार फेल हो जाते हों, तो यह सरल सा टोटका करें-
शुक्ल पक्ष के पहले बृहस्पति…

रामनवमी के दिन क्या करें? जय श्री राम shree ram navami 2015

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जय श्री रामरामनवमी के दिन क्या करें: 1. प्रभु से भक्ति करते हुए मांगे-
नाथ एक वर मांगऊं राम कृपा करि देहु।
जन्म-जन्म प्रभु पद कमल कबहुं घटै जनि नेहु।।
हे प्रभु राम! मैं आपसे केवल एक ही वर मांगता हूं, इसे देने की कृपा करें। प्रभु आपके चरण कमलों में मेरा प्रेम जन्म-जन्मांतर में कभी न घटे।।2. प्रभु से अनुपम प्रेम भक्ति मांगे- परमानंद कृपानयन मन परिपूरन काम। प्रेम भगति अनपायनी देहु हमहि श्रीराम।। हे प्रभु श्रीराम! आप हमें अपनी अत्यंत पावन और तीनों प्रकार के तापों अथवा जन्म-मरण के क्लेशों का नाश करने वाली अनुपम प्रेम भक्ति का वरदान दीजिए। 3. प्रभु से शरण में लेने की प्रार्थना कीजिए- प्रभु मेरे मन में आप निवास करें। आप मेरे आंतरिक मैल को स्वच्छ करके उसमें भक्ति का समावेश करें। हे दीनानाथ, मैं आपकी शरण में हूं। मुझ शरणागत की रक्षा करें। इस प्रकार निष्कपट भक्ति करने से प्रभु प्रसन्न होकर हर मनोरथ पूर्ण करेंगे। प्रभु की दया और रक्षा के भरोसे …

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What Is Online Education? online classroom

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Online education is also known as distance
learning and consists of taking classes via the
internet. More and more students take online
classes because of the flexibility and
convenience it provides. You can attend class
sessions from the comfort of your home and
complete assignments at almost any time of
the day.
Online classes are great for individuals who
have a demanding work schedule and family
responsibilities. In addition, online classes are
more cost efficient because they doesn't
require any commuting, allowing you to save
on gas and the wear and tear of your vehicle.
Online courses are also great for individuals in
the military or who travel frequently. The
distance learning format allows students to
pursue education through an out-of-state
school without having to transfer residence.
However, there are some clear cons to online
education, including:
Limited direct contact with colleagues and
professors
Fewer opportunities to join on campus
clubs and extracurricular act…

मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होने का अचूक उपाय...! motapa kam karne ke desi upaay

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मोटापा एवं अनेक रोगों से मुक्त होने का अचूक उपाय...!
मेथी दाना -250 ग्राम ,
अजवाइन-100 ग्राम ,
काली जीरा-50 ग्राम ।
उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर मेंइसका पॉवडरबना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय 1/2 चम्मच पॉवडर एक गिलास कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना या पीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग ले सकते हैं
फायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा ।
लाभ :-
इस चूर्ण को नित्य लेने से शरीर के कोने -कोने में जमा पड़ी सभी गंदगी (कचरा )मल और पेशाब द्वारा निकलजाता है ,
फ़ालतू चर्बी गल जाती है ,
चमड़ी की झुर्रियां अपने आप दूर हो जाती है ,
और शरीर तेजस्वी और फुर्तीला होजाता है ।
अन्य लाभ इस प्रकार हैं ----------
1. गठिया जैसा ज़िद्दी रोग दूर हो जाताहै ।
2. शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है ।
3. पुरानी कब्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है ।
4. रक्त -संचार शरीर में ठीक से होने लगता है ,शरीर की रक्त -नलिकाएं शुद्ध हो जाती हैं ,रक्त में सफाई और शुद्धता की वृद्धि होती है ।
5. ह्रदय की कार्य क्षमता …

मैराथन रन फॉर क्लीन एंड ग्रीन शिवपुरी marathon in shivpuri 26 march 2015

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Marathon for clean and green shivpuri


26 march 2015 9:30am 
hdfc bank madav chowk shivpuri
you are all invited..
by




Programme coordinator.. shelendra garg (shailu)




रोरोटरी राईजर्स क्लब द्वारा क्लीन एण्ड ग्रीन शिवपुरी को लेकर मैराथन कल 26 मार्च को पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रहेंगें मौजूद शिवपुरी। नगर को साफ-स्वच्छ बनाए जाने का संदेश देने के लिए युवाओं की टोली से सुसज्जित समाजसेवी संस्था रोटरी राईजर्स क्लब के बैनर तले 26 मार्च को क्लीन एण्ड ग्रीन शिवपुरी मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन रोटरी राईजर्स क्लब अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा व निखिल गोयल सहित समस्त टीम के निर्देशन में हो रहा है जहां स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राऐं इस मैराथन में भाग लेकर नगर में स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाऐंगें। सिद्धार्थ लढ़ा ने बताया कि इस मैराथन कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व केन्द्रीयमंत्री एवं गुना-शिवपुरी क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद रहेंगे जिनके निर्देशन में यह मैराथन होगी। मैराथन की यह दौड़ स्थानी एचडीएफसी बैंक से शुरू होगी जो माधवचौक की परिक्रमा लगाकर कोर्ट रोड़,…

कन्या भोजन से मिलने वाला फल kanya bhojan se milne wala fal

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नवरात्र में अष्टमी और नवमी के दिन कन्या भोजन का प्रावधान है। इसके पीछे भी शास्त्रों में वर्णित तथ्य यही है कि दो वर्ष से 10 वर्ष की आयु की नौ कन्याओं को भोजन कराने से समस्त दोषों का नाश होता है। शास्त्रों में कन्या के विभिन्न रूपों को भोग अर्पित करने का भी निर्देश है। इससे आपकी सभी इच्छाएं पूरी होंगी। दो वर्ष की कन्या को कौमारी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसके पूजन से दुख और दरिद्रता समाप्त हो जाती है। तीन वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति मानी जाती है। त्रिमूर्ति के पूजन से धन-धान्य का आगमन और संपूर्ण परिवार का कल्याण होता है। चार वर्ष की कन्या कल्याणी नाम से संबोधित की जाती है। कल्याणी की पूजा से सुख-समृद्घि मिलती है। पांच वर्ष की कन्या रोहिणी कही जाती है। रोहिणी के पूजन से व्यक्ति रोग-मुक्त होता है। छह वर्ष की कन्या को कलिका कहा जाता है। कलिका की अर्चना से विद्या और राजयोग की प्राप्ति होती है। सात वर्ष की कन्या को चण्डिका कहा जाता है। चण्डिका की पूजा-अर्चना और भोजन कराने से ऐश्वर्य मिलता है। आठ वर्ष की कन्या को शाम्भवी कहा जाता है। शाम्भवी की पूजा-अर्चना से लोकप्रियता प्राप्त होती…

सोमवार 23 मार्च को मनाया जायेगा गणगौर का पावन व्रत ।

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सोमवार 23 मार्च को मनाया जायेगा गणगौर का पावन व्रत । हिन्दू समाज में चैत्र शुक्ल तृतीया का दिन गणगौर पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व विशेष तौर पर केवल स्त्रियों के लिए ही होता है। इस दिन भगवान शिव ने पार्वतीजी को तथा पार्वतीजी ने समस्त स्त्री-समाज को सौभाग्य का वरदान दिया था। इस दिन सुहागिनें दोपहर तक व्रत रखती हैं। स्त्रियाँ नाच-गाकर, पूजा-पाठ कर हर्षोल्लास से यह त्योहार मनाती हैं।गणगौर पर्व कब मनाएँ : -यह पर्व चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है, इसे गौरी तृतीया भी कहते हैं। होली के दूसरे दिन (चैत्र कृष्ण प्रतिपदा) से जो कुमारी और विवाहित बालिकाएँ अर्थात नवविवाहिताएँ प्रतिदिन गणगौर पूजती हैं, वे चैत्र शुक्ल द्वितीया (सिंजारे) के दिन किसी नदी, तालाब या सरोवर पर जाकर अपनी पूजी हुई गणगौरों को पानी पिलाती हैं और दूसरे दिन सायंकाल के समय उनका विसर्जन कर देती हैं। यह व्रत विवाहिता लड़कियों के लिए पति का अनुराग उत्पन्न करने वाला और कुमारियों को उत्तम पति देने वाला है। इससे सुहागिनों का सुहाग अखण्ड रहता है।गणगौर व्रत कैसे करें :-* चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को प्रातः स्नान करके गीले व…