18+ अच्छी बातें अजब गज़ब अध्यात्म अनोखा अपना देश अमोल दिल से अरे गजब अरे गज़ब अरे बाप रे आध्यात्म आपकी राशि आयुर्वेद आयूर्वेद आश्चर्यजनक इस्लाम उपाय ओशो कविता कहानिया कुण्डली खरी खरी खान-पान गजब के शोध गरम मसाला गृह योग ग्रन्थ चमत्कार चुटकुले जिंदगी ज्योतिष टॉप 10 टोटके त्यौहार दीपावली दुनिया दो लाइन शायरी धर्म नुख्से पूजा प्रेम प्रसंग प्रेरणास्प्रद कहानिया बास्तु-शास्त्र बॉलीवुड ब्यंग्य मंत्र मजेदार मज़ेदार जानकारी मध्यप्रदेश मनोरंजन महाभारत राजनीति राजस्थान लाइव राम चरित्रमानस राष्ट्रीय ख़बरें रोचक जानकारी वायरल सच वास्तु शास्त्र विदेश शायरी शिवपुरी संभोग से समाधि की और सच का सामना सतर्क सदविचार सामाजिक जानकारी सेक्स ज्ञान सोशल मीडिया स्वास्थ्य हँसना मना है हस्त रेखा ज्ञान हिंदू धर्म की महानता हिन्दुओं के प्राचीन 111 मंदिर हिन्दू त्यौहार हिन्दू ब्रत हीर-रांझा ABOUT SHIVPURI adults ajav gajav ALL DOCTORS amol dil se astrologer astrologer in shivpuri atm in svp ayurved BANK bollywood books Breaking News business CHARTERED ACCOUNTANTS CINEMA cloth store coaching and institute college comedy computer sales and service in shivpuri cricket Departments desh desi nukhse devostional devotional DISTRICT ADMINISTRATION doctors Electronics facebook fastivals Festivals financial food free ka gyaan free stuff Friendship fun gk Gwalior health helpline hindi shayari hindu Hindu Dharm history HOSPITAL Hot HOTELS IN SHIVPURI importent in indian culture INDUSTRY IN SHIVPURI Insurance Company internet cafe Jewellers in shivpuri job in shivpuri jobs and careers jokes kahaniya karera kolaras live Latest GK leak video and mms leak video or mms Love Guru Madhav National Park Shiv Madhav National Park Shivpuri Madhya Pradesh make money online mantra medical store mobile phones mobile shop in shivpuri modi Modi Magic National National News net cafe news offers offers in shivpuri osho Osho English PEOPLE Petrol Pump in shivpuri photo gallery photo post photo studio photos plywood and hardware Politics poll projects Property dealers Restaurant sad shayai sad stories Salute samsung saree house save girl child Schools in Shivpuri sher shayari shivpuri shivpuri city Shivpuri News shivpuri police shivpuri tourism shivpuri train Short News spiritual Stationery and printers stories tantra-mantra Tech News Technology teck news telephone numbers Television temples timepaas TIps n tricks Top 10 totke tourism usefull information vastu shastra waterfalls Website Design Development in Shivpuri whatsaap area wonders world

A very heart touching story दिल को न छु जाए तो कहना


एक बार में अपने एक मित्र का तत्काल केटेगरी में पासपोर्ट बनवाने पासपोर्ट ऑफिस गया था।

लाइन में लग कर हमने पासपोर्ट का तत्काल फार्म लिया, फार्म भर लिया, काफी समय हो चुका था अब हमें पासपोर्ट की फीस जमा करनी थी।
लेकिन जैसे ही हमारा नंबर आया बाबू ने खिड़की बंद कर दी और कहा कि समय खत्म हो चुका है अब कल आइएगा।

मैंने उससे मिन्नतें की, उससे कहा कि आज पूरा दिन हमने खर्च किया है और बस अब केवल फीस जमा कराने की बात रह गई है, कृपया फीस ले लीजिए।

बाबू बिगड़ गया।
कहने लगा, "आपने पूरा दिन खर्च कर दिया तो उसके लिए वो जिम्मेदार है क्या?
अरे सरकार ज्यादा लोगों को बहाल करे।
मैं तो सुबह से अपना काम ही कर रहा हूं।"

खैर, मेरा मित्र बहुत मायूस हुआ और उसने कहा कि चलो अब कल आएंगे।
मैंने उसे रोका, कहा कि रुको एक और कोशिश करता हूं।

बाबू अपना थैला लेकर उठ चुका था। मैंने कुछ कहा नहीं, चुपचाप उसके-पीछे हो लिया। वो एक कैंटीन में गया, वहां उसने अपने थैले से लंच बॉक्स निकाला और धीरे-धीरे अकेला खाने लगा।

मैं उसके सामने की बेंच पर जाकर बैठ गया। मैंने कहा कि तुम्हारे पास तो बहुत काम है, रोज बहुत से नए-नए लोगों से मिलते होगे?
वो कहने लगा कि हां मैं तो एक से एक बड़े अधिकारियों से मिलता हूं।
कई आई.ए.एस., आई.पी.एस., विधायक रोज यहां आते हैं।
मेरी कुर्सी के सामने बड़े-बड़े लोग इंतजार करते हैं।

फिर मैंने उससे पूछा कि एक रोटी तुम्हारी प्लेट से मैं भी खा लूं?
उसने हाँ कहा।
मैंने एक रोटी उसकी प्लेट से उठा ली, और सब्जी के साथ खाने लगा।
मैंने उसके खाने की तारीफ की, और कहा कि तुम्हारी पत्नी बहुत ही स्वादिष्ट खाना पकाती है।

मैंने उसे कहा तुम बहुत महत्वपूर्ण सीट पर बैठे हो। बड़े-बड़े लोग तुम्हारे पास आते हैं।
तो क्या तुम अपनी कुर्सी की इज्जत करते हो? तुम बहुत भाग्यशाली हो, तुम्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है, लेकिन तुम अपने पद की इज्जत नहीं करते।

उसने मुझसे पूछा कि ऐसा कैसे कहा आपने?

मैंने कहा कि जो काम दिया गया है उसकी इज्जत करते तो तुम इस तरह रुखे व्यवहार वाले नहीं होते।

देखो तुम्हारा कोई दोस्त भी नहीं है। तुम दफ्तर की कैंटीन में अकेले खाना खाते हो, अपनी कुर्सी पर भी मायूस होकर बैठे रहते हो, लोगों का होता हुआ काम पूरा करने की जगह अटकाने की कोशिश करते हो।

बाहर गाँव से आ कर सुबह से परेशान हो रहे लोगों के अनुरोध करने पर कहते हो,
"सरकार से कहो कि ज्यादा लोगों को बहाल करे।"
अरे ज्यादा लोगों के बहाल होने से तो तुम्हारी अहमियत घट जाएगी? हो सकता है तुमसे ये काम ही ले लिया जाए।

भगवान ने तुम्हें मौका दिया है रिश्ते बनाने के लिए।
लेकिन अपना दुर्भाग्य देखो, तुम इसका लाभ उठाने की जगह रिश्ते बिगाड़ रहे हो।
मेरा क्या है, कल आ जाउंगा या परसों आ जाउंगा।

पर तुम्हारे पास तो मौका था किसी को अपना अहसानमंद बनाने का। तुम उससे चूक गए।

मैंने कहा कि पैसे तो बहुत कमा लोगे, लेकिन रिश्ते नहीं कमाए तो सब बेकार है।
क्या करोगे पैसों का? अपना व्यवहार ठीक नहीं रखोगे तो तुम्हारे घर वाले भी तुमसे दुखी रहेंगे, यार दोस्त तो पहले से ही नहीं हे।

मेरी बात सुन कर वो रुंआसा हो गया।
उसने कहा कि आपने बात सही कही है साहब। मैं अकेला हूं।
पत्नी झगड़ा कर मायके चली गई है।
बच्चे भी मुझे पसंद नहीं करते।
मां है, वो भी कुछ ज्यादा बात नहीं करती।
सुबह चार-पांच रोटी बना कर दे देती है, और मैं तन्हा खाना खाता हूं। रात में घर जाने का भी मन नहीं करता।
समझ में नहीं आता कि गड़बड़ी कहां है?

मैंने हौले से कहा कि खुद को लोगों से जोड़ो। किसी की मदद कर सकते तो तो करो।
देखो मैं यहां अपने दोस्त के पासपोर्ट के लिए आया हूं।
मेरे पास तो पासपोर्ट है। मैंने दोस्त की खातिर तुम्हारी मिन्नतें कीं। निस्वार्थ भाव से। इसलिए मेरे पास दोस्त हैं, तुम्हारे पास नहीं हैं।

वो उठा और उसने मुझसे कहा कि आप मेरी खिड़की पर पहुंचो। मैं आज ही फार्म जमा करुंगा, और उसने काम कर दिया।
फिर उसने मेरा फोन नंबर मांगा, मैंने दे दिया।

बरसों बीत गए...

इस दिवाली पर एक फोन आया...
रविंद्र कुमार चौधरी बोल रहा हूं साहब, कई साल पहले आप हमारे पास अपने किसी दोस्त के पासपोर्ट के लिए आए थे, और आपने मेरे साथ रोटी भी खाई थी।
आपने कहा था कि पैसे की जगह रिश्ते बनाओ।
मुझे एकदम याद आ गया।
मैंने कहा हां जी चौधरी साहब कैसे हैं?

उसने खुश होकर कहा, "साहब आप उस दिन चले गए, फिर मैं बहुत सोचता रहा।
मुझे लगा कि पैसे तो सचमुच बहुत लोग दे जाते हैं, लेकिन साथ खाना खाने वाला कोई नहीं मिलता।
मैं साहब अगले ही दिन पत्नी के मायके गया, बहुत मिन्नतें कर उसे घर लाया।
वो मान ही नहीं रही थी,
वो खाना खाने बैठी तो मैंने उसकी प्लेट से एक रोटी उठा ली, कहा कि साथ खिलाओगी?
वो हैरान थी। रोने लगी।
मेरे साथ चली आई।
बच्चे भी साथ चले आए।

साहब,
अब मैं पैसे नहीं कमाता।
रिश्ते कमाता हूं।
जो आता है उसका काम कर देता हूं।

साहब आज आपको हैप्पी दिवाली बोलने के लिए फोन किया है।

अगले महीने बिटिया की शादी है।
आपको आना है।
बिटिया को आशीर्वाद देने।
रिश्ता जोड़ा है आपने।

वो बोलता जा रहा था,
मैं सुनता जा रहा था। सोचा नहीं था कि सचमुच उसकी ज़िंदगी में भी पैसों पर रिश्ता इतना भारी पड़ेगा।

दोस्तों
आदमी भावनाओं से
संचालित होता है।
कारणों से नहीं।
कारण से तो मशीनें चला करती है ।

PLEASE SHARE IF IT HAS TOUCHED YOUR HEART.

THANK YOU   
Once a friend of his passport in the passport office category was immediate.

By looking at passports, we took immediate form of line, form fill, had been a long time now we have had to submit passport fees.



Babu went haywire.
Said, "You've spent all day then she is responsible for what?
Hey government to restore people.
I'm doing my job in the morning. "

Well, my friend was very upset and he's now come tomorrow.
I stopped him, he'd wait another try.

Babu had been lifted from my bag. I did not say anything, went quietly behind him. He was in a canteen where lunch box he pulled from his bag and began to eat slowly alone.

I sat down in front of him on the bench. If I said you have a lot of work, Rose will meet many new people?
He began to say that yes I am one resembles a large authorities.
Many IAS, IPS, legislator come here every day.
Wait for the big guys in front of my chair.

Then I asked him the bread from your plate shall I eat?
He said yes.
I lifted the bread from his plate, and started eating with vegetables.
I praised her food, and that is your wife cooks very tasty.

I told him you're sitting on the seat is very important. Great people come to you.
So you get the respect of your chair? You're so lucky, you have got such a significant responsibility, but you do not respect your position.

He asked me how it was that you said?


Look, you do not have any friends.


"Tell the government to restore people."
Hey, your value will be reduced if more people from being restored? Maybe if you took the job.

God has given you the opportunity to build relationships.
But my bad luck, you're breaking up relationships rather exploit it.
My what'll come tomorrow or the day after tomorrow'll come.

If you had a chance to make one of his grateful. You missed him.

I said the money will be worth a fortune, but the relationship has not earned all useless.
What will the money? Will not behave yourself, your family members so you too will be unhappy, already shittity friend is a very man.

Runasa he was not listening to me.
He said the right thing is you, sir. I'm alone.
Parents quarreling wife is gone.
Children also do not like me.
Mother, she does not talk too much.
Give bread to make four or five in the morning, and I'd eat alone. Does not even feel like going home at night.
Do not understand where that is wrong?

I said softly Add people themselves. If anyone can help please do so.
Look, I came here for my friend's passport.
I have a passport. I resorted to begging your friend's sake. Selflessly. So I have friends, you are not.

He woke up and he told me that you spoke at my window. I'll submit the form today, and he did it.
Then he asked for my phone number, I gave up.

brson have passed ...

This Diwali, received a phone call ...
Ravindra Kumar Choudhary am speaking, sir, several years ago you came to us for a friend's passport, and you had eaten bread with me.
You said that the place of money Build relationships.
I suddenly remembered.
I said yes sir G. Choudhury, how are you?

She said happily, "Sir, you've gone that day, then I kept thinking.
I give money to people who are really great, but do not get no one to eat with.
I honor the wife's maiden next day, much pleading brought him home.
He did not say,
He sat eating a bun so I lifted her plate, feed with that?
She was surprised. Started crying.
Came with me.
The child came along.

Sir,
Now I do not earn money.
Relationships earns it.
Comes which give his work.

Happy Diwali to you today is called to speak, sir.

Daughter is getting married next month.
You have to come.
Bless daughter.
The relationship you have added.

He was going to speak,
I was going to hear.

Guys
Man emotions
Would operate.
Reasons not to.
Is then used to run the machines.

PLEASE SHARE IF IT HAS TOUCHED YOUR HEART.

THANK YOU

Labels:

एक टिप्पणी भेजें

[blogger]

Author Name

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.