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सुंदर था इस कद्र कि मालूम न हो सका 
कब,कहाँ और कैसे, मेरा बचपन चला गया
arman 007
12-01-2014, 12:13 PM
कौन तोलेगा हीरों में अब तुम्हारे आंसू
वो जो एक दर्द का ताजिर था दुकान छोड़ गया

ताजिर--व्यवसायी
ashwanimale
14-01-2014, 01:19 AM
उसके होंठों पे कभी बददुआ नहीं होती ,

बस इक माँ है जो मुझसे कभी खफा नहीं होती.



सत्य है मित्र एक मां है जो कभी गुस्सा नहीं होती
rehan0101
16-01-2014, 07:58 PM
दोस्ती करना ईतना आसन है,
जैसे मिटी पर मिटी लिखना,
लेकिन दोस्ती निभाना ईतना मुश्किल है,
जैसे पाणी पर पाणी लिखना !!!!!
arman 007
17-01-2014, 01:44 PM
शहर हो जायेगा वीरान सारा
उसे रोको वो हिजरत कर रहा है
arman 007
18-01-2014, 08:49 AM
बिछड़ के मुझसे अगरचे उदास वो भी था
पता चला के जमाना शनास वो भी था
मेरे ज़वाल से पहले ही मुझको छोड़ गया
गज़ब का सितारा शनास वो भी था

अगरचे--हालाँकि
जमाना शनास--ज़माने को पहचानने की योग्यता रखने वाला
ज़वाल--decline
सितारा शनास---भाग्य के सितारों को पहचानने की योग्यता रखने वाला
arman 007
25-01-2014, 06:01 PM
इश्क की मंजिल पे कदम सोच के रखना
दरिया ऐ मुहब्बत के किनारे नहीं होते
arman 007
25-01-2014, 06:08 PM
डूबी हैं मेरी उँगलियाँ मेरे ही खून में
ये कांच के टुकड़ों पे भरोसे की सजा है
arman 007
26-01-2014, 08:18 AM
मैं तन्हाई को तन्हाई में तन्हा कैसे छोड़ दूँ
तन्हाई ने तन्हाई में तन्हा मेरा साथ दिया है
arman 007
26-01-2014, 08:18 AM
एक मशविरा चाहिए
ख़ुदकुशी करूं या इश्क ?
arman 007
26-01-2014, 08:24 AM
"कोइ तो गुफ्तगुँ कर लो
कि शाम बहुत उदास है
arman 007
26-01-2014, 08:31 AM
मर जाए तो बढ़ जाती है इंसान की कीमत
जिंदा रहे तो जीने की सजा देती है दुनिया
arman 007
26-01-2014, 08:33 AM
बहुत से रास्ते आते हैं मेरे दिल की तरफ
राहे ऐ खुलूस से आना फासले कम पड़ेंगे
arman 007
28-01-2014, 08:50 AM
ये जो हर मोड़ पे आ मिलती है मुझसे
ये बदनसीबी मेरी दीवानी तो नही ?
arman 007
29-01-2014, 08:12 PM
सिर्फ हाथों को न देखो ,कभी आँखें भी पढ़ो
कुछ सवाली बड़े खुद्दार हुआ करते हैं
pkj21
30-01-2014, 04:04 PM
achhe sher hai ji...........
KAVI SAAHAB
30-01-2014, 05:50 PM
ग़लतियों से जुदा तू भी नही, मैं भी नही,
दोनो इंसान हैं, खुदा तू भी नही, मैं भी नही
" तू मुझे ओर मैं तुझे इल्ज़ाम देते हैं मगर,
अपने अंदर झाँकता तू भी नही, मैं भी नही
" ग़लत फ़हमियों ने कर दी दोनो मैं पैदा दूरियाँ
वरना फितरत का बुरा तू भी नही, मैं भी न


<<<<<<<<अज्ञात
arman 007
30-01-2014, 10:31 PM
अना की बात है वरना मुहबत अब भी बाक़ी है
उसे मेरी मुझे उसकी जरूरत अब भी बाक़ी है
कोई मुश्किल अगर पेश आये तो लौट आना तुम
तुम्हारे वास्ते दिल में अकीदत अब भी बाक़ी है
arman 007
30-01-2014, 10:32 PM
बिन बात के रूठने की आदत है
किसी अपने का साथ न पाने की आदत है
तुम खुश रहो मेरा क्या है
मैं तो आईना हूँ मुझे टूटने की आदत है
arman 007
30-01-2014, 10:37 PM
सोचा था के वो बहुत टूट कर चाहेंगे हमे
लेकिन सोचा भी हमने,चाहा भी हमने और टूट भी हम ही गए
arman 007
30-01-2014, 10:41 PM
जिनको तूफ़ान से उलझने की आदत हो मोहसिन
ऐसी कश्ती को समन्दर भी दुआ देते हैं
CHHUPA RUSTEM
31-01-2014, 10:23 PM
कोई ऐ ‘शकील’ देखे ये जुनूं नहीं तो क्या है
कि उसी के हो गए हम जो न हो सका हमारा।
CHHUPA RUSTEM
31-01-2014, 10:27 PM
इक मुसाफिर के सफ़र जैसी है सबकी दुनिया
कोई जल्दी में कोई देर में जाने वाला

निदा फाजली
arman 007
01-02-2014, 08:13 AM
प्यार और मुहब्बत उस दौर की बात है फराज़
जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे
arman 007
01-02-2014, 05:38 PM
वफा की कद्र तो आज भी बहुत है फराज़
फ़कत मिट चुके हैं टूट के चाहने वाले
prakashyadav
01-02-2014, 10:59 PM
था गम नसीब तो मुझको कभी खुशी न मिली, खुशी मिली तो मेरा गम ने साथ छोड़ दिया, गरज ये है कि मेरा साथ कोई दे न सका, जो तुम मिले तो मेरा दम ने साथ छोड़ दिया.
prakashyadav
01-02-2014, 11:01 PM
अंजान तुम बने रहे ये और बात है,ऐसा तो क्या है कि तुमको हमारी खबर नहीं.
prakashyadav
01-02-2014, 11:03 PM
एक दीवाने को आए थे समझाने कई,पहले मैं था इक दीवाना अब हैं दीवाने कई.
prakashyadav
01-02-2014, 11:08 PM
भूलने वाले को शायद याद वादा आ गया,
मुझको देखा मुस्कुराया खुद ब खुद शरमा गया.
prakashyadav
02-02-2014, 08:28 AM
मैं तो चाहता था ऐ लोगों किस्सा ए गम मुझे भुलाने दो,
तुम वाअिज हो तो लो सुनाता हूँ एक लड़की थी खैर जाने दो.
prakashyadav
02-02-2014, 08:41 AM
कभी दिमाग कभी दिल कभी नजर में रहो,
ये सब तुम्हारे ही घर हैं किसी भी घर में रहो.
prakashyadav
02-02-2014, 08:43 AM
वक्त दो ही तकलीफ के गुजरे हैं सारी उम्र में,
एक तेरे आने से पहले एक तेरे जाने के बाद.
prakashyadav
02-02-2014, 11:49 PM
किसी जमाने में यारों का यार था वो भी,
वो एक शख्स जो आज तन्हा दिखाई देता है.
arman 007
04-02-2014, 06:54 AM
मेरी दहलीज़ पे आ रुकी है दस्तक ऐ मुहब्बत
मेहमान नवाज़ी का शौक़ भी है और उजड़ जाने का खौफ़ भी
arman 007
04-02-2014, 06:55 AM
बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने
फिर इश्क हुआ और हम लावारिस हो गए
arman 007
04-02-2014, 07:17 AM
खींच लाती है मुझको तेरी मोहब्बत वर्ना
आखिरी बार तो मिला हूँ मैं कई बार तुझसे
arman 007
04-02-2014, 07:18 AM
कागज़ पर रख कर खाना खाये भी तो कैसे…
खून से लथपथ आता है अखबार आजकल
arman 007
04-02-2014, 07:19 AM
"सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए"
___________- 'दुष्यंत'
arman 007
04-02-2014, 07:22 AM
ज़िंदगी में लोग दुख के सिवा दे भी क्या सकते हैं


मरने के बाद 2 गज़ कफ़न देते हैं वो भी रो रो कर
arman 007
04-02-2014, 07:27 AM
मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना..!!
गमों में डूबी हुई मेरी ज़िंदगानी लिखना..!!


लिखना के मेरे होंट हँसी को तरसे..!!
केसे बहता है आँखों से पानी लिखना..!!


जब भी प्यार से मुझे कोई देखता था..!!
मेरी आँखों से झलकती मेहरबानी लिखना..!!


लिखना के मुझी किसी से मुहब्बत हुई थी..!!
और फिर इस मुहब्बत में हुई नाकामी लिखना..!!


लिखना के मुझे कभी कोई समझ नही पाया..!!
और तुम ना करती थी मेरी परवाह..!!


मेरे एक एक पल से तो तुम वाकिफ़ हो “तबी”..!!
इस लिए मेरी कहानी ज़ुबानी लिखना...!!
arman 007
04-02-2014, 07:29 AM
किताबों की तरह है वो भी
अल्फाज़ से भरपूर मगर खामोश
arman 007
04-02-2014, 07:41 AM
तिजोरियां भरते हैं लोग उम्र भर के लिए
मगर अफ़सोस मौत का फरिश्ता रिश्वत नहीं लेता
arman 007
04-02-2014, 07:42 AM
सुना है ज़िन्दगी इम्तिहाँ लेती है फराज़
मगर यहाँ तो इम्तिहानों ने ज़िन्दगी ले ली
arman 007
04-02-2014, 07:47 PM
किस कद्र एहतमाम करते हो
दिल दुखाना सवाब हो जैसे

एहतमाम---- प्रबंध ,तय्यारी
सवाब---- पुण्य
arman 007
04-02-2014, 07:50 PM
अब क्यूँ रौशनी से डरते हो फराज़
तुम तो कहते थे मुझे चाँद चाहिए
prakashyadav
04-02-2014, 07:58 PM
कभी तक के दर को खड़े रहे,कभी आह भर के चले गए,
तेरे कूचे में भी गर आए तो हम ठहरे ठहर के चले गए.
arman 007
05-02-2014, 08:06 AM
मैं ज़िन्दगी का बोझ लिए डूब तो गया
रुसवा किया है लाश ने पानी पे तैर कर
arman 007
05-02-2014, 08:12 AM
वक्त -ए-रुखसत पोंछ रा था मेरे आंसू अपने आँचल से
उसको गम था इतना के वो खुद रोना भूल गया
arman 007
05-02-2014, 08:17 AM
छोड़ ये बात मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको....


ज़िंदगी इतना बता कितना सफ़र बाक़ी है....
arman 007
05-02-2014, 08:29 AM
बेटियां सब के मुकद्दर में कहाँ होती है
घर खुदा को जो पसंद आये वहाँ होती है
prakashyadav
05-02-2014, 09:28 PM
था गम नसीब तो मुझको कभी खुशी न मिली,
खुशी मिली तो मेरा गम ने साथ छोड़ दिया,
गरज ये है कि मेरा साथ कोई दे न सका,
जो तुम मिले तो मेरा दम ने साथ छोड़ दिया.
arman 007
05-02-2014, 11:01 PM
तमाम नींदे गिरवी हैं उस के पास....


ज़रा सी मुहब्बत ली थी जिसस से...
prakashyadav
05-02-2014, 11:11 PM
साथ भी छोड़ा तो कब,जब सब बुरे दिन कट गए,
जिदंगी तूने कहाँ आकर दिया धोखा मुझे.
arman 007
06-02-2014, 10:22 PM
सरे बाज़ार निकलूं तो आवारगी की तोहमत
तन्हाई में बैठू तो इलज़ाम ऐ मुहब्बत
prakashyadav
07-02-2014, 12:39 PM
आरजू ये है कि उसकी हर नजर देखा करें,
वो ही अपने सामने हो हम जिधर देखा करें,
एक तरफ हो सारी दुनिया एक तरफ सूरत तेरी,
हम तुझे दुनिया से होकर बेखबर देखा करें.
prakashyadav
07-02-2014, 12:42 PM
मेरे खुदा मुझे थोड़ी सी जिंदगी दे दे,
उदास मेरे जनाजे से जा रहा है कोई.
arman 007
08-02-2014, 08:18 AM
दिल के जख्मों को कोई शायरी कह दे तो परवाह नही
तकलीफ तो जब होता है जब लोग वाह वाह करते हैं
arman 007
08-02-2014, 08:25 AM
कैसी गुजर रही है ये पूछते हैं सब
कैसा गुजारता हूँ कोई पूछता नहीं
arman 007
08-02-2014, 08:30 AM
मुझसे बिछड़ के वो रोया नही ग़ालिब
कोई तो है हमदर्द जो उसे रोने नहीं देता
arman 007
08-02-2014, 08:35 AM
मेरे मिज़ाज का इसमें कोई कुसूर नहीं
तेरे सुलूक ने लहजा बदल दिया है मेरा
arman 007
09-02-2014, 08:59 AM
हर कोई तेरे आशियाने का पता पूछता है
न जाने किस किस से वफा के वादे किये हैं तू ने
arman 007
09-02-2014, 09:00 AM
हम फकीरों से दोस्ती कर लो
बादशाही के गुर सिखा देंगे
arman 007
09-02-2014, 09:01 AM
इस अजनबी शहर में ये पत्थर कहाँ से आया फराज़
लोगों की इस भीड़ में कोई अपना जरूर है
prakashyadav
10-02-2014, 10:19 PM
मुझको भी पीनी पड़ी फिर बेहिसाब,
जब गमों में बेहिसाबी हो गई.
prakashyadav
10-02-2014, 10:28 PM
जिंदगी जबसे शराबी हो गई,
दूर दिल से हर खराबी हो गई,
मुझको भी पीनी पड़ी फिर बेहिसाब,
जब गमों में बेहिसाबी हो गई.
prakashyadav
19-02-2014, 02:53 PM
लोग कहते हैं प्यार मुश्किल है,
प्यार हो तो करार मुश्किल है,
मौत का इंतजार आसां है,
यार का इंतजार मुश्किल है.
arman 007
25-02-2014, 10:52 PM
न कोई इलज़ाम न कोई तंज़, न कोई रुसवाई मीर;
दिन बहुत हो गए यारों ने कोई इनायत नहीं की!
arman 007
25-02-2014, 10:52 PM
अजीयत बना रहा तमाम उम्र यही एक सवाल ___!
सब का साथ निभाने वाले खुद क्यूँ तन्हा रह जाते हैं _
arman 007
25-02-2014, 10:53 PM
सुनामी से कह दो अपनी लहरें संभाल कर रखे.......
यहाँ तो लोग ही काफी हैं ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए
arman 007
25-02-2014, 10:54 PM
हादसे से बड़ा हादसा ये हुआ कि...
लोग ठहरे नहीं हादसा देख कर
arman 007
28-02-2014, 07:16 PM
बहुत खफा था कि लहजा बदल गया मेरा
उसी के लहजे में जब उस से बात की मैंने
arman 007
05-03-2014, 07:47 PM
तहजीब सिखाती है जीने का सलीका
तालीम से जाहिल की जहालत नहीं जाती

तहजीब-संस्कृति
तालीम-शिक्षा
arman 007
07-03-2014, 11:35 PM
क्या हाल पूछते हो मेरे कारोबार का
आईने बेचता हूँ अन्धों के शहर में
arman 007
09-03-2014, 08:31 AM
अपनों की चाहतों में मिलावट थी इस कदर
तंग आ के दुश्मनों को मनाने चला गया
arman 007
09-03-2014, 10:05 PM
ऐ माँ फिर से मुझे मेरा बस्ता दे दे
कि दुनिया का दिया सबक मुश्किल बहुत है
arman 007
09-03-2014, 10:06 PM
थके हरे परिंदों को जो देखा तो ख्याल आया
कोई जो मुन्तजिर होता तो हम भी घर जाते
मुन्तजिर- प्रतीक्षारत
arman 007
14-03-2014, 07:59 AM
प्यास कहती है कि अब रेत निचोड़ा जाये
अपने हिस्से में समन्दर नहीं आने वाला
arman 007
15-03-2014, 07:28 PM
औरत को समझता था जो मर्दों का खिलौना
उस शख्स को दामाद भी वेसा ही मिला है
arman 007
15-03-2014, 10:57 PM
ऐ खुदा कोई आदमी भी भेज
सब खुदा है तेरी खुदाई में
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 02:48 PM
फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आये,
फिर पत्तों की पाजेब बजी तुम याद आये ।




नासिर काज़मी
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 02:55 PM
ऐ दोस्त हमने तर्के-मुहब्बत के बाबजूद,

महसूस की है तेरी जरूरत कभी-कभी ।




तर्के-मुहब्बत---प्रेम बलिदान
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 10:13 PM
आज देखा है तुझको देर के बाद
आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
न मिला कर उदास लोगों से
हुस्न तेरा बिखर न जाए कहीं
आरज़ू है कि तू यहाँ आये
और फिर उम्र भर न जाए कही



नासिर काज़मी
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 10:15 PM
फिर कूँजें बोलीं घास के हरे
समंदर में
रुत आई पीले फूलों की, तुम याद
आये
फिर कागा बोला घर के सूने
आँगन में
फिर अमृत रस की बूँद पड़ी, तुम
याद आये
दिन भर तो मैं दुनिया के
धंधों में खोया रहा
जब दीवारों से धूप ढली, तुम
याद आये
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 10:19 PM
बहुत ही सादा है तू और
ज़माना अय्यार
खुदा करे कि तुझे शहर की हवा न
लगे
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 10:20 PM
मुझे ये डर है तेरी आरज़ू न मिट
जाए
बहुत दिनों से तबियत
मेरी उदास नही
CHHUPA RUSTEM
07-04-2014, 10:39 PM
दिन भर तो मैं दुनिया के
धंधों में खोया रहा
जब दीवारों से धूप ढली,
तुम याद आये
donsplender
08-04-2014, 02:19 AM
तहजीब सिखाती है जीने का सलीका
तालीम से जाहिल की जहालत नहीं जाती

तहजीब-संस्कृति
तालीम-शिक्षा

सोलह आने खरी बात !!
donsplender
08-04-2014, 02:23 AM
दिन भर तो मैं दुनिया के
धंधों में खोया रहा
जब दीवारों से धूप ढली,
तुम याद आये


फिर कूँजें बोलीं घास के हरे
समंदर में
रुत आई पीले फूलों की, तुम याद
आये
फिर कागा बोला घर के सूने
आँगन में
फिर अमृत रस की बूँद पड़ी, तुम
याद आये
दिन भर तो मैं दुनिया के
धंधों में खोया रहा
जब दीवारों से धूप ढली, तुम
याद आये


आज देखा है तुझको देर के बाद
आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
न मिला कर उदास लोगों से
हुस्न तेरा बिखर न जाए कहीं
आरज़ू है कि तू यहाँ आये
और फिर उम्र भर न जाए कही



नासिर काज़मी


फिर सावन रुत की पवन चली तुम याद आये,
फिर पत्तों की पाजेब बजी तुम याद आये ।




नासिर काज़मी

बहुत बढीया भाई !
donsplender
08-04-2014, 02:27 AM
क्या हाल पूछते हो मेरे कारोबार का
आईने बेचता हूँ अन्धों के शहर में


अपनों की चाहतों में मिलावट थी इस कदर
तंग आ के दुश्मनों को मनाने चला गया


ऐ माँ फिर से मुझे मेरा बस्ता दे दे
कि दुनिया का दिया सबक मुश्किल बहुत है


प्यास कहती है कि अब रेत निचोड़ा जाये
अपने हिस्से में समन्दर नहीं आने वाला

बहुत ही बढीया शेर !
CHHUPA RUSTEM
10-04-2014, 10:16 PM
ज़िन्दगी क्या है और मौत क्या
शब् हुई और सहर हो गयी
उनकी आँखों में अश्क आ गए
दास्ताँ मुख़्तसर हो गयी
चार तिनके ही रख पाए थे
बिजलियों को खबर हो गयी
उनकी महफ़िल से उठ कर चले
रौशनी हमसफ़र हो गयी

गणेश बिहारी तर्ज
CHHUPA RUSTEM
10-04-2014, 10:25 PM
है बात वक्त वक्त की चलने
की शर्त है
साया कभी तो कद के बराबर
भी आएगा
ऐसी तो कोई बात तसव्वुर में
भी न थी
कोई ख्याल आपसे हट कर
भी आएगा
मैं अपनी धुन में आग
लगाता चला गया
सोचा न था कि ज़द में मेरा घर
भी आएगा
ramanpreet
02-05-2014, 01:21 PM
मत पूछो कि किस तरह कट रही है ज़िंदगी
उस दौर से गुज़र रहे हैं जो गुज़रता ही नहीं
ramanpreet
02-05-2014, 01:25 PM
अब के बिछड़े तो शायद ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में
मिलें
ढूँढ उजड़े हुए लोगों में वफ़ा के मोती
ये ख़ज़ाने तुझे मुमकिन है ख़राबों में
मिलें
न तू ख़ुदा है न मेरा इश्क़
फ़रिश्तों जैसा
दोनों इंसां हैं तो क्यों इतने
हिजाबों में मिलें
ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में
शामिल कर लो
नशा बढता है शरबें जो शराबों में
मिलें
आज हम दार पे खेंचे गये जिन
बातों पर
क्या अजब कल वो ज़माने
को निसाबों में मिलें
अब न वो मैं हूं न तु है न वो माज़ी है
जैसे दो शख़्स तमन्ना के सराबों में
मिलें
monu.dadhich
08-05-2014, 01:54 PM
ना मिला सुकून तो खतम ज़िन्दगी कर ली,
नदी ने जाकर समंदर में खुदखुशी कर ली !!
suraj01
08-05-2014, 02:06 PM
ना मिला सुकून तो खतम ज़िन्दगी कर ली,
नदी ने जाकर समंदर में खुदखुशी कर ली !!क्या शानदार बात कही दोस्त
arman 007
14-05-2014, 10:17 PM
कुछ पहले ही लजीज थी चूल्हे की रोटियाँ...
फिर माँ की उंगलियों ने जायका बढ़ा दिया
Kamal Ji
15-05-2014, 01:03 PM
कुछ पहले ही लजीज थी चूल्हे की रोटियाँ...
फिर माँ की उंगलियों ने जायका बढ़ा दिया
:clap::salut::clap::salut:
gupta rahul
31-05-2014, 10:36 PM
क्या फ़र्क है दोस्ती और मोहब्बत में,
रहते तो दोनों दिल में ही हैं लेकिन फ़र्क तो है;
बरसों बाद मिलने पर दोस्ती सीने से
लगा लेती है,
और मोहब्बत नज़र चुरा लेती ह
gupta rahul
31-05-2014, 10:36 PM
उसके नरम हाथो से फिसल जाती है चीज़ें अक्सर...
मेरा दिल भी लगा है उसके हाथों, खुदा ख़ैर करे!!
gupta rahul
31-05-2014, 10:37 PM
मोहब्बत में मैंने क्या कुछ नहीं लुटा दिया...
उस को पसंद थी रौशनी और मैंने खुद
को जला दिया।
gupta rahul
03-06-2014, 10:56 PM
हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें..
और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं
arman 007
05-06-2014, 11:17 PM
हाथ उठाऊ और तेरा नाम न लूँ केसे मुमकिन है
तू मेरी दुआओं में शामिल है आमीन की तरह
CHHUPA RUSTEM
06-06-2014, 01:21 PM
हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें..
और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं

बहुत खूब ......।
CHHUPA RUSTEM
06-06-2014, 01:23 PM
उठाके मीना जो उसने पूछा, किधर
से पहले, किधर से पहले

सारी महफ़िल से आवाज़ आई, इधर से
पहले, इधर से पहले
CHHUPA RUSTEM
06-06-2014, 01:27 PM
बड़ा है दर्द का रिश्ता ये दिल
ग़रीब सही
तुम्हारे नाम पे आएँगे ग़मगुसार चले


जो हम पे गुज़री सो गुज़री मगर शबे-
हिज्राँ
हमारे अश्क तेरी आक़बत सँवार चल



फैज
CHHUPA RUSTEM
06-06-2014, 01:31 PM
जिस धज से कोई मक़तल में गया,
वो शान सलामत रहती है
ये जान तो आनी-जानी है, इस
जाँ की तो कोई बात नहीं



गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है,
जो चाहो लगा दो डर कैसा
गर जीत गए तो क्या कहना, हारे
भी तो बाज़ी मात नही
CHHUPA RUSTEM
06-06-2014, 01:36 PM
अपने सारे दर्द भुलाकर औरों के दुःख
सहता था
हम जब गज़लें कहते थे वो अक्सर जेल में
रहता था
आखिरकार चला ही गया वो रूठ के
हम फरजानों से
वो दीवाना जिसको ज़माना जालिब
जालिब कहता था

-कतील शिफाई
Kamal Ji
06-06-2014, 06:46 PM
दोस्त arman 007 ([Only registered and activated users can see links]) जी आपके द्वार संकलित लगबग सभी शेर एक से एक बढ़ कर हैं.
आशा करता हूँ.......ऐसे ही और शेर हमें यहाँ इस सूत्र में पढने के लिए मिलेंगे.
gupta rahul
07-06-2014, 10:48 PM
अगर फुर्सत के लम्हों में मुझे याद करते हो तो अब मत करना,
क्योंकि मैं तन्हा जरूर हूँ ... मगर फ़िज़ूल बिलकुल नहीं...
gupta rahul
07-06-2014, 10:49 PM
रौशनी के लिए दिया जलता हैं
,शमा के लिए परवाना जलता हैं,
कोई दोस्त न हो तो दिल जलता हैं,
और दोस्त आप जैसा हो जो ज़माना जलता हैं
gupta rahul
07-06-2014, 10:51 PM
मुँह छुपा के अब क्युँ रोता है मेरे सीने में
ऐ दिल मेरी तू मानता हीं कब था
gupta rahul
08-06-2014, 10:57 PM
सपनो को पंख लगे है , उड़ान अभी बाकी है,
राह से रोड़े हटे है चट्टान अभी बाकी है


इक लहर को पार कर य़ू बैठ न आराम से
समंदर में आना, उफान अभी बाकी है

बैठ न य़ू हार के इस जंग-ए-मैदान में
तीर न तो न सही, कमान अभी बाकी है

नाउम्मीद ना हो देख इन मुर्दों को शहर में
थोड़े है, कम है, प़र इंसान अभी बाकी है

य़ू मायूस ना हो इन नए लोगो के शौक देख
पुरानी कलाओं के कद्रदान अभी बाकी है

शक होगा कुछे को कुछ सोच में भी होंगे ज़रूर
होना "उम्मीद" से लोगो को हैरान अभी बाकी है
diljale raj
11-06-2014, 09:00 PM
वक्त से कोइ बडा नही
बुजदिल हैँ जो लडा नही
diljale raj
12-06-2014, 09:05 AM
सर पर चढ़कर बोल रहे हैं, पौधे जैसे लोग,

पेड़ बने खामोश खड़े हैं, कैसे-कैसे लोग.....


मैं परीशाँ था, परीशाँ हूँ, नई बात नहीं,
आज वो भी है परीशान, खुदा खैर करे।
-उमर अंसारी

nice super one coll
lalitji
16-06-2014, 05:49 PM
कौन कहता है आसमान में सूराख़ नहीं होता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो :- दुष्यंत कुमार एक पत्थर तबियत से उछाला था मैंने अपनी हालत देख के सोचता हूँ कही ऊपर वाले को जोर से तो नहीं लग गया।
Aeolian
24-06-2014, 01:45 PM
bahut hi badiya sher hai.
komal sharma
25-06-2014, 09:42 PM
तेरी आँखों क दरिया का उतरना भी ज़रूरी था,,,,...,,
महोब्बत भी ज़रूरी थी, बिछड़ना भी ज़रूरी था,,
komal sharma
25-06-2014, 09:44 PM
जब चलना नहीं आता था तो गिरने नहीं देते थे लोग..
जब से संभाला खुद को...कदम कदम गिराने की सोचते है लोग..!!!
komal sharma
25-06-2014, 09:48 PM
तुझ से बढ़ कर कोई अज़ाब नहीं
e मोहब्बत तेरा जवाब नहीं!!
Aeolian
26-06-2014, 02:36 PM
jo mobbt karte hai ve rote hai .. hamesha rote hai kabhi roti ko kabhi dhoti ko kabhi apni kismat ko
sajan love
30-06-2014, 05:15 PM
Dosto ki dosti hoti hai anmol
na tolo ise na hi lagao is ka mol
sache dil se karo is ki ibadat
warna gomte ra jao ge ye dunya pehele se hi hai gol..
868797
sajan love
30-06-2014, 05:20 PM
यूँ तो कायनात हसीन बहुत हैं मगर
साथ नाखुदा न हो ग़र ये नज़ारा न होता..........
sajan love
30-06-2014, 05:22 PM
मुँह छुपा के अब क्युँ रोता है मेरे सीने में
ऐ दिल मेरी तू मानता हीं कब था
nice lines
868807
sajan love
30-06-2014, 05:24 PM
ज़िन्दगी में ग़र तुम्हारा सहारा जो होता
तो दिल ये हमारा यूँ आवारा न होता

यूँ तो मयखाने शहर में बहुत हैं मगर
दिल बहलता नहीं ग़र साक़ी ने निहारा न होता

यूँ तो फ़लक पे सितारे बहुत हैं मगर
चाँद भी रहे तन्हा ग़र वो सितारा न होता

यूँ तो कायनात हसीन बहुत हैं मगर
साथ नाखुदा न हो ग़र ये नज़ारा न होता

यूँ तो जिन्दा रहने के सहारे बहुत हैं मगर
जीते कैसे ग़र जीवन तुमने संवारा न होता

यूँ तो चाहने वाले “मीत” बहुत हैं मगर
दिल आश्ना न होता ग़र वो इशारा न होता

...................................अमित प्रकाश "मीत"
sajan love
30-06-2014, 05:26 PM
ज़िंदगी को वही समझता है.!
जिसने मौत को करीब से देखा.!!
मुहब्बत की वक़ालात वही करता.!
जिसने प्यार किसीसे कभी किया.!!

वो क्या जाने दर्द क्या होता है.!
जिसने जख्म कभी खाया ना हो.!!
भूलने की बात वही करता है.!
जिसने शिद्दत से इंतज़ार किया.!!

जो पीते हैं लहू इंसानो का.!
वो रिश्तों की एहमियत क्या जाने.!!
रखता लाज माँ के दूध की.!
प्यार जिसने अपने वतनसे किया.!!
pyasa love
02-08-2014, 10:16 AM
कितने दूर निकल गए,
रिश्तो को निभाते निभाते.......
खुद को खो दिया हमने,
अपनों को पाते पाते......
pyasa love
02-08-2014, 10:19 AM
जब दुनिया यह कहती है कि
"हार मान लो"
तो आशा धीरे से कान में कहती है कि.,
"एक बार फिर प्रयास करो"......!!!!!
pyasa love
02-08-2014, 10:22 AM
कोई और तरीक़ा बताओ जीने का,

साँसे ले ले कर थक गया हूँ !!
pyasa love
02-08-2014, 10:22 AM
किताबों में मेरे फ़साने ढूँढते हैं
नादाँ हैं गुजरे जमाने ढूँढते हैं;
जब वो थे तलाशे-जिंदगी भी थी
अब तो मौत के ठिकाने ढूँढते हैं;
मुसाफ़िर बे-खबर हैं तेरी आँखों से
तेरे शहर में मैखाने ढूँढते हैं;
तुझे क्या पता ऐ सितम ढाने वाले
हम तो रोने के बहाने ढूँढते हैं;
उनकी आँखों को यूं न देखो "मुस्कान "
नये तीर हैं, निशाने ढूँढते हैं !!
pyasa love
02-08-2014, 10:23 AM
एक लड़के ने लड़की को मैसेज करके प्रपोज किया,आई लव यूलड़की ने रिप्लाई किया: हा हा हा...लड़के ने फिर मैसेज किया: मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता।लड़की ने फिर रिप्लाई किया: हा हा हा..लड़के ने फिर मैसेज भेजा: मैं तुम्हें हीरे जड़ी सोने की अंगूठी गिफ्ट करना चाहता हूं..लड़की ने रिप्लाई किया: सच्ची?फिर लड़के ने रिप्लाई किया: हा हा हा हा हा हा...
pyasa love
02-08-2014, 10:24 AM
Maut or mohbbt se drta kon h...mohbbt to ho jata h ishe krta kon h...hm to kr de mohbbt me jan b kurban... pr y to pta chle hmse mohbbt krta kon h...
pyasa love
02-08-2014, 10:25 AM
Acha hua jo tumne mujhe chhod diya...
Nahi toh dard ko mehsus krne ka kabhi moka nhi milta...
pyasa love
02-08-2014, 10:26 AM
मजबूरियां ओढ़ के निकालता हूँ घर से ;

वर्ना शौक तो अब भी है बारिशों में भीगने का !!
pyasa love
02-08-2014, 10:27 AM
Kisi ke dard ki dava bano. ...
Zakhm to har insan deta hai
pyasa love
02-08-2014, 10:27 AM
में खुश हूँ कि उसकी नफ़रत का अकेला वारिस हूँ,
वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है।।।
pyasa love
02-08-2014, 10:30 AM
तन्हाई में भी कहते है लोग,
जरा महफ़िल में जिया करो.

पैमाना लेके बिठा देते है मैखाने में,
और कहते है जरा तुम कम पिया करो !!
pyasa love
02-08-2014, 10:36 AM
मैं खुद कभी बेचा करता था दर्दे दिल की दवा…

पर ए दोस्त…

“आज वक़्त मुझे अपनी ही दुकान पर ले आया…!!
pyasa love
02-08-2014, 10:37 AM
प्यार तो जिंदगी का एक अफसाना है,
इसका अपना ही एक तराना है,
सबको मालूम है कि मिलेंगे सिर्फ आंसू,
पर न जाने क्यों, दुनियां में हर कोई इसका दीवाना है !!
pyasa love
02-08-2014, 10:38 AM
तू बिन बताये ले चल मुझे कहीं…..

तू जहाँ मुस्कुराये मेरी मंजिल वहीं…!!
pyasa love
02-08-2014, 10:43 AM
आहीस्ता चल जिंदगी,
अभी कईं कर्ज चुकाना बाकी है।
कुछ दर्द मिटाना बाकी है, कुछ फर्ज निभाना बाकी है।

रफ्तार मे तेरे चलने से कुछ रूठ गये, कुछ छूट गये।
रूठों को मनाना , छुटे हुये को जुटाना अभी बाकी है।

कुछ हसरतें , कुछ जरूरी काम अभी बाकी है।
ख्वाईशें जो दबी रही इस दिल में उनको दफनाना अभी बाकी है।

कुछ रिश्ते बन कर टूट गये, कुछ जुडते जुडते छुट गये,
उन टुटे और छुटे रिश्तों के जख्म मिटाना अभी बाकी है।

तू आगे चल मै आता हूं,
क्या छोड कर तुझे जी पाउंगा?
इन सांसो पर जिनका हक है उनको समझाना अभी बाकी है।

आहीस्ता चल जिंदगी,
अभी कईं कर्ज चुकाना बाकी है।
pyasa love
02-08-2014, 10:45 AM
आसमान के हर पंछी में, भाई-चारा है,
ज़मीन पर, हर बात का बटवारा है..
उसका घर, मेरे घर से है ऊँचा क्यों,
इस बात पर, भाई ने भाई को मारा है..
कोई चढ़ता है, तो उठा लेते हैं सीढ़ी,
किसी का चढ़ना, हमें कब ग़वारा है..
ना पाने कि ख़ुशी है, और ना खोनेका ग़म,
कितना खुशनसीब, दुनिया मेंबंजारा है..
किस मोड़ पर आयी है,ज़िन्दगी कि कश्ती,
डूब रहे हैं हम, और सामने किनारा है..
वो खुश था कि, जीत गया दिल कि बाज़ी,
बहते आंसुओं ने कहा, कि तू हारा है..
फैला है सर पर, माँ कि छाव का आँचल,
ज़िन्दगी कि धुप में यारा, ये ही सहारा है..
pyasa love
02-08-2014, 10:47 AM
गर्लफ्रेंड: तुम मेरे लिए क्या कर सकते हो?
पठान: क्या करना है बताओ?
गर्लफ्रेंड: चाँद तोड़कर ला सकते हो?
पठान: फिर ईद क्या तेरे बाप के टकले को देखकर मनायेंगे?
pyasa love
02-08-2014, 10:48 AM
पानी की हर "बूंद" का सम्मान करें_____

चाहे वो "आसमान" से टपके या "आँखों "से ।
pyasa love
02-08-2014, 10:58 AM
Pta hi nhi chla kab woh dost se
hamara pyar
ban gye...

Saath gujare hue kuchh pal aaj
yaadgar ban
gye...Kar na sake unse izhaar
hum is baat ka...
Aur dekhte hi dekhte woh kisi
aur k dildar bn
gye.
pyasa love
02-08-2014, 11:07 AM
‘रिश्ते’ ओर ‘रास्ते’ के बीच एक अजीब रिश्ता होता है..
कभी रिश्तों से रास्ते मिल जाते है,,
और
कभी रास्तो मे रिश्ते बन जाते है.. !!
pyasa love
02-08-2014, 11:13 AM
चलो बांट लेते हें कुछ
इस तरह से दुनिया सारी . . .
चलो सब कुछ तुम रख लो,
एक बस तुम हमारे !!
pyasa love
02-08-2014, 11:14 AM
रात भर गिरते रहे उनके दामन में मेरे आँसू ; सुबह उठते ही वो बोले कल रात बारिश गजब की थी !!
pyasa love
02-08-2014, 11:15 AM
हम तो आगाज़े मोहब्बत मैं ही लूट गये,

और लोग कहते है की अंजाम बुरा होता है !!
pyasa love
02-08-2014, 11:18 AM
जब किसी का संग अच्छा लगने लगे ;
जब कोई मन से सच्चा लगने लगे ;
तो समझ जाओ ;
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
मामला गड़बड़ है !
pyasa love
02-08-2014, 11:18 AM
सुनो !,,,,,,,,,,,,,, ए "लोगो"
ये जो इश्क़ है ना …,,
जान तो ले लेता है ,, मगर फिर भी मौत नहीं आती
pyasa love
02-08-2014, 11:19 AM
एक नफरत ही है जिसे दुनिया पल भर में समझ लेती है..
वरना मोहब्बत का तो पता लगने में सालों निकल जाते हैं...
pyasa love
02-08-2014, 11:21 AM
Samosa said to Aloo:

Jab mein fry hota hun to tumhe cover kar ke

garam oil se bacha leta hu because i luv u..

Aloo said:-

Jab log Tumhe fry hone ke foran baad khate hai
to main unka muh jala deta hun becoz I Luv u
too..

Moral-
Inki love story pe na jayein..
Samosa thanda karke khaiyen..
pyasa love
02-08-2014, 11:23 AM
एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी....
जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं,
हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं !!
pyasa love
02-08-2014, 11:24 AM
तुझे ही फुरसत ना थी किसी अफ़साने को पढ़ने
की
में तो बिकता रहा तेरे शहर में किताबों की तरह !!
pyasa love
02-08-2014, 11:26 AM
ये भी एक तमाशा है इश्क-ओ-महोब्बत में !
दिल किसी का होता है और बस
किसी का चलता है
pyasa love
02-08-2014, 11:30 AM
उसने मेरी हथेली पे नाजुक सी ऊँगली से लिखा ;
" मुझे प्यार है तुझसे "
जाने कैसी स्याही थी ???
वो लफ्ज मिटे भी नही... और आज तक दिखे भी नही !!
pyasa love
02-08-2014, 11:36 AM
सूरज ढलते ही रख दिये उसने मेरे होठों पर होंठ !
इश्क का रोज़ा था , और गज़ब की इफ्तारी !!
pyasa love
02-08-2014, 11:42 AM
तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में एक बार ।
दर्द हो तो समझ लेना मुहब्बत अभी बाकी है।।
pyasa love
02-08-2014, 11:53 AM
हमसे भुलाया नही जाता एक "मुख्लिस" का प्यार,
लोग जिगर वाले है जो रोज़ नया महबूब बना लेते है.
pyasa love
02-08-2014, 11:54 AM
ये चाहतें.. ये रौनकें.. पाबन्द है मेरे जीने तक........
बिना रूह के नहीं रखते.. घर वाले भी ज़िस्म को...!
pyasa love
02-08-2014, 11:57 AM
समझना उसको मुश्किल है बड़ा शातिर शिकारी है वो ;

ख़न्जर बेचने वाला अहिंसा का पुजारी है !!
pyasa love
02-08-2014, 11:59 AM
अजीब लगती है शाम कभी-कभी;
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;
समझ आये तो हमें भी बताना;
कि क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।"
pyasa love
02-08-2014, 12:00 PM
इससे पहले की आंसू मुक़द्दर बने ;
इससे पहले की कोई सितम तोड़ दे !!

आ इसी मोड़ पे मुस्कुराते हुए ;
मैं तुझे छोड़ दूँ, तू मुझे छोड़ दे !!

इससे पहले की आँखे भर आयें ;
इससे पहले की हम मर जाएँ ;
मैं भी ज़िद छोड़ दूँ,तू भी कसम तोड़ दे !!
pyasa love
02-08-2014, 12:03 PM
मुझे ढूंढने की कोशिश अब न किया कर,

तूने रास्ता बदला तो मैंने मंज़िल बदल ली ...!!
pyasa love
02-08-2014, 12:05 PM
न जाने
इस ज़िद्द का.....
नतीजा क्या होगा,
समझता दिल भी नहीं,
वो भी नहीं,
और
मैं भी नही !!
pyasa love
02-08-2014, 12:05 PM
Dil Ke Kone Se Ek Awaz Aati Hai
Humen Har Pal Tumhaari Yaad Aati Hai,
Dil Poochhta Hai Baa Baar Hum Se

Jinhen Hum Yaad Karte Hain
Kya Unhen B Humaari Yaad Aati Hai.
pyasa love
02-08-2014, 12:07 PM
अक्सर वही लोग उठाते हैं हम परउंगलिया...जिनकी हमें छूने की औकातनहीं होती.
pyasa love
02-08-2014, 12:10 PM
मेरी शायरी का शौक रखने वालों,
मुझे कभी आदत न बना लेना.
मैं वोह एक लहर हूँ.
जो ठहर जाने की चाहत नहीं रखती...!!
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:00 PM
मुझे जिंदगी की सच्चाई तब पता चली,
जब रास्ते में पड़े फूलों ने मुझसे कहा...
दूसरों को खुशबू देने वाले अक्सर यूं ही कुचले जाते हैं ।
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:03 PM
सफ़र दो कदम है, जिसे इश्क लोग कहते है,
मगर इश्क वाले, सारे सफ़र में ही रहते है !!!​
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:04 PM
हीरों की बस्ती में हमने कांच ही कांच बटोरे हैं,
कितने लिखे फ़साने, फिर भी सारे कागज़ कोरे है।
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:05 PM
उन पंछियों को कैद में रखना आदत नही हमारी,
जो हमारे दिल के पिंजरे में रहकर गैरों के साथ उड़ने का शौक रखते हों!
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:05 PM
~~दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी,,, मुझको~~
~~जैसे-जैसे अपनो को आजमाते चले गये~~
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:07 PM
कभी भूल से भी मत जाना मुहब्बत के जंगल मेँ...
यहाँ साँप नहीँ... हम सफर डसा करते हैँ ...!!!
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:12 PM
अपने गुनाहों पर सौ पर्दे डालकर,
हर शख़्स कहता है... "ज़माना बड़ा ख़राब है ...!!!"
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:15 PM
अपने हसीन होठों को किसी परदे में छुपा लिया करो,
हम गुस्ताख लोग हैं... नजरों से चूम लिया करते है.
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:16 PM
हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें...
और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं ...!!!
thenawnitkumar
17-08-2014, 11:18 PM
बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर...
क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है...
thenawnitkumar
30-08-2014, 10:51 PM
कुछ और कश लगा ले ऐ ज़िन्दगी…
बुझ जाऊंगा किसी रोज़ सुलगते – सुलगते !!!
ben ten
25-09-2014, 11:31 PM
"तस्वीर तेरी हमनें फ़िरदौसे तसव्वुर
में ,
सौ आईने तोड़े हैं तब जाके उतारी है ,
मैं तुम को ज़फ़ाओं का इल्ज़ाम नहीं दूँगा ,
तुमने मेरी आँखों में इक उम्र
गुज़ारी है...!"
(तसनीम
फ़ारूक़ी)
ben ten
26-09-2014, 10:24 PM
चल कर कभी हमारे अंधेरे भी देखिए
हम लोग रौशनी में बड़े पुर-वक़ार हैं
- तसनीम फ़ारूक़ी

पुर वक़ार=इज्जतदार
anita
26-09-2014, 11:27 PM
wah wah wah kya baat hai ben ten ji
ben ten
26-09-2014, 11:35 PM
Shukriya anita ji... Sher uplbdh krvane k liye.. :):
anita
26-09-2014, 11:43 PM
दुनिया ने किस का राह-ए-वफ़ा में दिया है साथ
तुम भी चले-चलो यूँही जब तक चली चले
ben ten
26-09-2014, 11:51 PM
Waah ji waah.......
ben ten
27-09-2014, 11:13 PM
मेरे जज्बातों से इस कदर वाकिफ है मेरी कलम, मैँ 'इश्क' लिखना चाहूँ तब भी 'इन्कलाब' लिख जाता है....
-सरदार भगत सिंह
Happy Birthday Bhagat Singh
ben ten
02-10-2014, 11:12 PM
"अपना कार-ए-जहाँ मुकम्मल है,
आपकी खूब मेहरबानी है,
रोज़ बस इंतज़ार करना है
रोज़ बस आस टूट जानी है..!"
ben ten
09-10-2014, 06:23 AM
आपकी दुनिया के बेरंग अंधेरों के लिये,
रात भर जाग कर एक चाँद चुराया मैंने,
रंग धुंधले हैं तो इनका भी सबब मैं ही हूँ,
एक तस्वीर को इतना क्यूँ सजाया मैंने....
ben ten
10-10-2014, 11:52 PM
उठा पलकों को जिस ने दिन उगाया था फ़लक पर,
उसी की ज़ुल्फ़ का रातों पे साया हो गया है,
नज़र का एक पुरज़ा छत पे फेंका है किसी ने,
जिसे पढने में पूरा चाँद जाया हो गया है....
ben ten
15-10-2014, 04:01 PM
अपनी चाहत का यूँ पता देना

सामना हो तो मुस्करा देना

- रफ़ीक जाफ़र
ben ten
15-10-2014, 04:24 PM
शेरो शायरी का हर इक फ़ैन हुआ जाता है
ख़ुद के ही अब रंग से बेरंग हुआ जाता है
अपनी दुनिया को खुशहाली तो अता कर मौला
के तू बस वो है जो रवायत में नज़र आता है
:): :p: :cool:
ben ten
15-10-2014, 04:28 PM
नुक्ताचीं हैं ग़मे-दिल उसको सुनाये न बने , क्या बने बात, जहाँ बात बनाये न बने
-बाबा ग़ालिब
ben ten
20-10-2014, 11:34 PM
अब सोचते हैं लाएंगे तुझसा कहाँ से हम
उठने को उठ तो आए तेरे आस्ताँ से हम

-मजरूह सुल्तानपुरी

आस्ताँ का अर्थ किसी को मालूम हो तो बताए कृपया....
ben ten
20-10-2014, 11:40 PM
आस्ताँ=दहलीज, चौखट.....
(अर्थ मिल गया :): )
ben ten
20-10-2014, 11:43 PM
ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना
आरज़ू थी कि तेरे दर पे सुब्ह ओ शाम करें

-मजरूह साहब

हयात=ज़िंदगी
ben ten
20-10-2014, 11:46 PM
कोई मित्र बताए कि क्या मजरूह ही 'तेरे' को 'तिरे' लिखते थे या शुद्ध रूप यही है??

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