Identification of Hinduism एक चमत्कारी कुंड

Identification of Hinduism


On acitylive.com today we are going to tell you about the state of the pool which is a mystery not even able to discover America.

Discovery also did not measure the seam ..

Which prompts before any natural disaster ...

Chhatarpur. Madhya Pradesh in the tank to see if it seems a simple pond,

But it is typical that whenever a natural disaster that has happened is Asiaimahadvip water level in the reservoir before it automatically moves itself.

Referring to the name of this Kund Nilkund in Kapuranon, the people now know the name of it Bimkund.

Could not yet measured the depth of the furrow of the Ghraibimkund could not yet be measured.

Discovering the wondrous properties of the tank, one of the Discovery Channel team Aithy to measure the depth of the ponds,

But it went much farther down so deep that they appeared in and the water. The team returned back later.

Bhima is interesting to historians say thirsty once during hibernation, after much groping his mace in ground water when full power is not found then killed by Bhima, which came out the water from the ponds.

Therefore it is called Bimkund.

Snketjb geographical gives no geographical event before the event is due to the water level starts to rise, the regional people already gauge of natural disaster.

Noida during the Gujarat earthquake and the water level was increased.

To 15 feet above the water of the reservoir during the tsunami was approaching.

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{हिंदू धर्म की पहचान}


आज acitylive.com पर हम आपको मध्यप्रदेश के एक ऐसे कुंड के बारे में बताने जा रहे है जिसका रहस्य अमेरिका भी नही खोज पाया.

जिसकी तह को डिस्कवरी वाले भी नही नाप पाए..

जो कोई भी प्राक्रतिक आपदा आने से पहले संकेत देता है...

छतरपुर। मध्य प्रदेश का ये कुंड वैसे तो देखने में एक साधारण कुण्ड लगता है,

लेकिन इसकी खासियत है कि जब भी एशियाईमहाद्वीप में कोई प्राकृतिक आपदा घटने वाली होती है तो इस कुण्ड का जलस्तर पहले ही खुद-ब-खुद बढ़ने लगता है।

इस कुण्ड कापुराणों में नीलकुण्ड के नाम से जिक्र है, जबकि लोग अब इसे भीमकुण्ड के नाम से जानते हैं।

अब तक मापी नहीं जा सकी है कुंड की गहराईभीमकुण्ड की गहराई अब तक नहीं मापी जा सकी है।

कुण्ड के चमत्कारिक गुणों का पता चलते ही डिस्कवरी चैनल की एक टीम कुण्ड की गहराई मापने के लिए आईथी,

लेकिन ये इतना गहरा है कि वे जितना नीचे गए उतना ही अंदर और इसका पानी दिखाई दिया। बाद में टीम वापिस लौट गई।

रोचक है इतिहासकार कहते हैं अज्ञातवास के दौरान एक बार भीम को प्यास लगी, काफी तलाशने के बाद भी जब पानी नहीं मिला तो भीम ने जमीन में अपनी गदा पूरी शक्ति से मारी, जिससे इस कुण्ड से पानी निकल आया।

इसलिए इसे भीमकुण्ड कहा जाता है।

भौगोलिक घटना से पहले देता है संकेतजब भी कोई भौगोलिक घटना होने वाली होती है यहां का जलस्तर बढ़ने लगता है, जिससे क्षेत्रीय लोग प्राकृतिक आपदा का पहले ही अनुमान लगा लेते हैं।

नोएडा और गुजरात में आए भूकंप के दौरान भी यहां का जलस्तर बढ़ा था।

सुनामी के दौरान तो कुण्ड का जल 15 फीट ऊपर तक आ गया था.

ऐसे ही और रोचक जानकारी के लिए जुड़े रहे acitylive.com के साथ...

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